राम मंदिर दान विवाद पर अयोध्या बार एसोसिएशन का अल्टीमेटम, चंपत राय समेत तीन पदाधिकारियों से इस्तीफे की मांग

NRC News Hindi: राम मंदिर दान विवाद पर अयोध्या बार एसोसिएशन का अल्टीमेटम, चंपत राय समेत तीन पदाधिकारियों से इस्तीफे की मांग

बड़ी खबर: अयोध्या में राम मंदिर दान (चढ़ावा) विवाद को लेकर अयोध्या बार एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राय से तीन दिन के भीतर अयोध्या छोड़ने और अपने पदों से इस्तीफा देने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि समयसीमा पूरी होने के बाद आंदोलन तेज किया जाएगा।

दिनांक: 29 जून 2026
स्थान: अयोध्या, उत्तर प्रदेश

बार एसोसिएशन की आम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि राम मंदिर दान विवाद में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं या जिन पर सवाल उठ रहे हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच सुनिश्चित होनी चाहिए। एसोसिएशन ने यह भी घोषणा की कि इस मामले के आरोपियों की ओर से कोई भी सदस्य अदालत में पैरवी नहीं करेगा।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि तीन दिन के भीतर मांगें नहीं मानी गईं तो आगे की रणनीति के तहत विरोध प्रदर्शन और अन्य कदम उठाए जाएंगे।

इस बीच राम मंदिर दान मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा जारी है। हाल के दिनों में ट्रस्ट के कई पदाधिकारियों से पूछताछ की गई है और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है। दूसरी ओर, ट्रस्ट ने कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और सभी दान सुरक्षित हैं।

साथ ही, इस पूरे मामले को लेकर दायर सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि मामले में सामान्य प्रक्रिया के अनुसार सुनवाई होगी।

तथ्य जांच:

  • अयोध्या बार एसोसिएशन ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राय को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया।
  • एसोसिएशन ने आरोपियों की पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया।
  • राम मंदिर दान विवाद की जांच SIT कर रही है।
  • ट्रस्ट ने जांच में सहयोग और दान सुरक्षित होने की बात कही है।
  • सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया।

निष्कर्ष:

राम मंदिर दान विवाद को लेकर कानूनी, प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। अयोध्या बार एसोसिएशन के अल्टीमेटम से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। हालांकि आरोपों की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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