बड़ी खबर: हिमाचल प्रदेश के शिमला में चर्चित मनीषा मित्तल हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मृतका के भाई हिमांक मित्तल और उसके कारोबारी साझेदार गोविंद को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि दोनों ने करोड़ों रुपये की संपत्ति और स्कूल प्रबंधन विवाद के चलते हत्या की साजिश रची थी।
पुलिस के अनुसार 13 जून को संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के बाहर मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद गठित विशेष जांच दल (SIT) ने 40 घंटे के भीतर हरियाणा से दो कथित शूटरों को गिरफ्तार कर लिया था। आगे की जांच में हत्या के पीछे पारिवारिक और आर्थिक विवाद सामने आया।
जांच में पुलिस को बैंक लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत मिले। अधिकारियों के अनुसार हिमांक मित्तल ने अपने साझेदार गोविंद के खाते में लगभग 8 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इसके बाद गोविंद ने कथित रूप से शूटरों को बड़ी रकम और हत्या में इस्तेमाल की गई कार उपलब्ध कराई। घटना के बाद गोविंद विदेश चला गया था, लेकिन भारत लौटने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
शिमला पुलिस का कहना है कि स्कूल प्रबंधन और संपत्ति को लेकर भाई-बहन के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार इसी विवाद ने हत्या की साजिश का रूप लिया। पुलिस अब वित्तीय लेन-देन, अन्य संभावित सहयोगियों और पूरे षड्यंत्र की कड़ियों की जांच कर रही है।
गोविंद को शिमला लाकर अदालत से पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि स्वास्थ्य कारणों से हिमांक मित्तल को फिलहाल रोहतक में पुलिस निगरानी में रखा गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान मामले में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
तथ्य जांच:
- मनीषा मित्तल की हत्या 13 जून 2026 को शिमला में हुई थी।
- पुलिस ने मृतका के भाई हिमांक मित्तल और कारोबारी साझेदार गोविंद को गिरफ्तार किया है।
- जांच में संपत्ति और स्कूल प्रबंधन विवाद हत्या का मुख्य कारण बताया गया है।
- मामले में पहले ही दो कथित शूटर गिरफ्तार किए जा चुके हैं और जांच जारी है।
निष्कर्ष:
शिमला का मनीषा मित्तल हत्याकांड अब लगभग सुलझता हुआ दिखाई दे रहा है। पुलिस के अनुसार संपत्ति और स्कूल प्रबंधन विवाद के कारण हत्या की साजिश रची गई थी। हालांकि जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य संभावित आरोपियों तथा वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है।
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