बड़ी खबर: AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अयोध्या राम मंदिर दान (चढ़ावा) विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि यदि राम मंदिर ट्रस्ट में कोई मुस्लिम सदस्य होता, तो उसका एनकाउंटर कर दिया जाता और उसके घर पर बुलडोजर चल चुका होता।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि इस मामले में कथित बड़े आरोपियों के खिलाफ वैसी सख्त कार्रवाई नहीं हो रही जैसी अन्य मामलों में देखने को मिलती है। उन्होंने कानून के समान रूप से लागू होने की आवश्यकता पर जोर दिया और राज्य सरकार पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया।
ओवैसी ने राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का भी जिक्र करते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
गौरतलब है कि राम मंदिर दान विवाद में उत्तर प्रदेश पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। जांच के दौरान कई स्थानों पर छापेमारी की गई है और कथित तौर पर लाखों रुपये की बरामदगी भी हुई है।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पहले ही कहा जा चुका है कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है।
तथ्य जांच:
- असदुद्दीन ओवैसी ने बिजनौर की सभा में राम मंदिर दान विवाद पर बयान दिया।
- उन्होंने कार्रवाई में कथित दोहरे मानदंड का आरोप लगाया।
- मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और SIT जांच कर रही है।
- उत्तर प्रदेश सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
निष्कर्ष:
राम मंदिर दान विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। जहां ओवैसी ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, वहीं राज्य सरकार का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और अंतिम कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
