NCERT की किताबों में आपातकाल के अध्याय पर भड़के विजय वडेट्टीवार, BJP पर साधा निशाना

NRC News Hindi: NCERT की किताबों में आपातकाल के अध्याय पर भड़के विजय वडेट्टीवार, BJP पर साधा निशाना

बड़ी खबर: महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक विजय वडेट्टीवार ने कक्षा 9 की NCERT पुस्तकों में आपातकाल (Emergency) के इतिहास को शामिल किए जाने के तरीके पर आपत्ति जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतिहास को राजनीतिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है और शिक्षा को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए।

दिनांक: 25 जून 2026
स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र

जानकारी के अनुसार, विजय वडेट्टीवार ने कहा कि छात्रों को इतिहास के तथ्यों से अवगत कराना आवश्यक है, लेकिन किसी विशेष राजनीतिक दल या विचारधारा के पक्ष या विपक्ष में सामग्री प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था का राजनीतिकरण कर रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, NCERT की नई पुस्तकों में आपातकाल से जुड़े अध्यायों और घटनाओं को लेकर देशभर में चर्चा चल रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि छात्रों को देश के राजनीतिक इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं की जानकारी मिलनी चाहिए, जबकि विपक्षी दलों ने सामग्री की प्रस्तुति पर सवाल उठाए हैं।

वडेट्टीवार ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक जानकारी देना होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पाठ्यपुस्तकों की सामग्री तैयार करते समय विशेषज्ञों और शिक्षाविदों की राय को प्राथमिकता दी जाए।

वहीं भाजपा की ओर से कहा गया है कि NCERT की पुस्तकों में ऐतिहासिक तथ्यों को शामिल किया गया है और इसमें किसी प्रकार का राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। पार्टी नेताओं का कहना है कि छात्रों को देश के इतिहास की सभी महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में जानकारी होनी चाहिए।

तथ्य जांच:

• विजय वडेट्टीवार ने NCERT की नई पुस्तकों में आपातकाल संबंधी सामग्री पर सवाल उठाए हैं।
• उन्होंने शिक्षा के राजनीतिकरण का आरोप लगाया है।
• NCERT की नई पुस्तकों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
• भाजपा ने पाठ्यसामग्री को तथ्यात्मक और आवश्यक बताया है।
• मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

निष्कर्ष:

NCERT की पुस्तकों में आपातकाल के अध्याय को लेकर शुरू हुई बहस अब राजनीतिक रूप लेती दिखाई दे रही है। एक ओर विपक्ष सामग्री की प्रस्तुति पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे इतिहास की महत्वपूर्ण जानकारी बताकर उसका समर्थन कर रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा शिक्षा और राजनीति दोनों क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना रह सकता है।

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