बड़ी खबर: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना (Ken-Betwa Link Project) के विरोध में पिछले 16 दिनों से चल रहा आंदोलन रविवार को पुलिस कार्रवाई के बाद समाप्त हो गया। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल खाली कराकर आंदोलनकारियों को वहां से हटाया और उन्हें उनके गांवों के लिए रवाना कर दिया।
यह आंदोलन कूपी गांव के पास बराना नदी के किनारे चल रहा था। प्रदर्शनकारी परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मुआवजे और परियोजना के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं का विरोध कर रहे थे। आंदोलन के दौरान जल सत्याग्रह, चिता सत्याग्रह और फांसी सत्याग्रह जैसे प्रतीकात्मक विरोध भी किए गए।
पुलिस ने रविवार सुबह प्रदर्शन स्थल को खाली कराया। आंदोलनकारियों का आरोप है कि उनके नेता अमित भटनागर सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि पुलिस का कहना है कि किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया। प्रशासन के अनुसार, अमित भटनागर लंबे समय से भूख हड़ताल पर थे और उनकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
प्रशासन ने यह भी कहा कि प्रदर्शन स्थल नदी और निर्माणाधीन पुल के पास होने के कारण सुरक्षा जोखिम बढ़ गया था, इसलिए कार्रवाई की गई। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों का समाधान किए बिना आंदोलन समाप्त कराया गया।
तथ्य जांच:
- केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में 15-16 दिनों से आंदोलन चल रहा था।
- पुलिस ने रविवार को प्रदर्शन स्थल खाली कराकर आंदोलन समाप्त कराया।
- प्रदर्शनकारी पुनर्वास, मुआवजा और परियोजना में कथित अनियमितताओं का विरोध कर रहे थे।
- पुलिस ने गिरफ्तारी से इनकार किया, जबकि प्रदर्शनकारियों ने हिरासत में लेने का आरोप लगाया।
निष्कर्ष:
केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर छतरपुर में चल रहा लंबा आंदोलन फिलहाल पुलिस कार्रवाई के बाद समाप्त हो गया है। हालांकि, पुनर्वास और मुआवजे को लेकर प्रभावित परिवारों की नाराजगी बरकरार है और परियोजना को लेकर विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
