बड़ी खबर: लोकसभा में राहुल गांधी द्वारा छात्र प्रदर्शन और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग या फायरिंग का आदेश गृह मंत्री नहीं, बल्कि मौके पर मौजूद मजिस्ट्रेट देता है। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को तथ्यहीन और भ्रामक बताया।
संबित पात्रा ने कहा कि लोकसभा में पारित एंटी पेपर लीक कानून छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए लाया गया है, लेकिन राहुल गांधी ने इस बहस के दौरान कई ऐसे आरोप लगाए जिनका तथ्यों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर गोली चलाने या ऐसा कोई आदेश गृह मंत्री द्वारा दिए जाने का दावा गलत है।
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में छात्रों को लेकर अनुचित शब्दों का इस्तेमाल किया और सदन में भ्रम फैलाने का प्रयास किया। पार्टी ने कहा कि संसद में गंभीर विषयों पर चर्चा तथ्य और प्रमाण के आधार पर होनी चाहिए।
इससे पहले लोकसभा में राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि छात्र प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिया था। भाजपा ने इस दावे का स्पष्ट रूप से खंडन करते हुए कहा कि कानून के अनुसार ऐसी परिस्थितियों में आवश्यक आदेश मजिस्ट्रेट के स्तर पर जारी किए जाते हैं।
तथ्य जांच:
- भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों का प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खंडन किया।
- संबित पात्रा ने कहा कि बल प्रयोग या फायरिंग का आदेश गृह मंत्री नहीं, मजिस्ट्रेट देता है।
- भाजपा ने राहुल गांधी पर सदन में तथ्यहीन आरोप लगाने का आरोप लगाया।
निष्कर्ष:
लोकसभा में छात्र आंदोलन को लेकर दिए गए राहुल गांधी के बयान के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। भाजपा ने उनके आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ऐसे आदेश मजिस्ट्रेट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, न कि गृह मंत्री के।
