बड़ी खबर: जुलाई के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने सपाट शुरुआत की। एशियाई बाजारों, विशेषकर दक्षिण कोरिया के कोस्पी (KOSPI) में तेज गिरावट के बीच सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव करते रहे। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भारतीय बाजार को कुछ सहारा दिया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार एशियाई शेयर बाजारों में आई कमजोरी का असर भारतीय निवेशकों के रुख पर भी देखने को मिला। चिप कंपनियों के शेयरों में बिकवाली और वैश्विक बाजारों में सतर्क माहौल के कारण निवेशकों ने शुरुआती सत्र में सावधानी बरती।
वहीं अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जिससे बाजार को समर्थन मिला।
विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों की नजर अब वैश्विक आर्थिक आंकड़ों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कॉर्पोरेट अपडेट पर बनी हुई है। आने वाले कारोबारी सत्रों में इन्हीं कारकों के आधार पर बाजार की दिशा तय हो सकती है।
तथ्य जांच:
- 2 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार ने सपाट शुरुआत की।
- एशियाई बाजारों में गिरावट, खासकर KOSPI में तेज कमजोरी दर्ज की गई।
- कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय बाजार को समर्थन मिला।
- निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और विदेशी निवेश पर बनी हुई है।
निष्कर्ष:
वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने सतर्क रुख के साथ कारोबार की शुरुआत की। एशियाई बाजारों की कमजोरी के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने घरेलू बाजार को सहारा दिया है। अब निवेशकों की नजर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और आगे आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर बनी रहेगी।
