बड़ी खबर: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वैष्णो देवी मंदिर में कथित 500 करोड़ रुपये की नकली चांदी से जुड़े विवाद के बीच श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक की। बैठक में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे और दान की पूरी व्यवस्था की समीक्षा की गई।
बैठक में दान पेटियों, दान काउंटरों, ऑनलाइन दान और सोना-चांदी जैसे बहुमूल्य चढ़ावे के संग्रह, गिनती, लेखा-जोखा, सुरक्षा और उपयोग की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की गई। श्राइन बोर्ड ने बताया कि चढ़ावे के प्रबंधन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू है और सत्यापन, निगरानी, बैंकिंग सुरक्षा तथा नियमित ऑडिट की व्यवस्था भी मौजूद है।
उपराज्यपाल को यह भी जानकारी दी गई कि बहुमूल्य धातुओं के रूप में मिलने वाले चढ़ावे का सुरक्षित परिवहन, प्रसंस्करण और रिफाइनिंग भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) तथा इंडिया गवर्नमेंट मिंट, हैदराबाद जैसे सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से किया जाता है। बैठक के बाद बोर्ड ने मौजूदा व्यवस्था की पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता पर संतोष व्यक्त किया।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब कथित नकली चांदी मामले की न्यायिक और जांच एजेंसियों के स्तर पर भी पड़ताल जारी है। हाल ही में जम्मू की अदालत ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड पेश करने के लिए जांच अधिकारी को तलब किया था।
तथ्य जांच:
- उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्राइन बोर्ड की हाई लेवल बैठक बुलाई।
- बैठक में चढ़ावे और दान प्रबंधन प्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई।
- सोना-चांदी के चढ़ावे के लिए SOP, सत्यापन और नियमित ऑडिट व्यवस्था लागू होने की जानकारी दी गई।
- नकली चांदी मामले में अदालत ने जांच अधिकारी से रिकॉर्ड भी तलब किए हैं।
निष्कर्ष:
वैष्णो देवी में कथित नकली चांदी विवाद के बाद प्रशासन ने चढ़ावे की पूरी व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि श्रद्धालुओं के दान के प्रबंधन में पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
