ममता बनर्जी का केंद्र पर बड़ा हमला, बोलीं- "विरोध जताना अपराध नहीं, छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला"

NRC News Hindi: ममता बनर्जी का केंद्र पर बड़ा हमला, बोलीं- "विरोध जताना अपराध नहीं, छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला"

बड़ी खबर: CJP के 'चलो संसद' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि "लोकतंत्र में असहमति जताना अपराध नहीं है। छात्रों और युवाओं की आवाज़ को लाठी और आंसू गैस से दबाया नहीं जा सकता।" ममता ने प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई की निंदा करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा।

दिनांक: 20 जुलाई 2026
स्थान: कोलकाता / नई दिल्ली

ममता बनर्जी ने कहा कि देश के छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि "यह कैसी सरकार है जो अपने ही छात्रों से डरती है? यह कैसा लोकतंत्र है जो बातचीत के बजाय सवालों का जवाब लाठी और आंसू गैस से देता है?"

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान नहीं कर रही है। ममता ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को छात्रों के साथ संवाद करना चाहिए, न कि उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग करना चाहिए।

इस बीच संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई स्थानों पर झड़प हुई। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर भीड़ को संसद की ओर बढ़ने से रोका और हालात नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज तथा आंसू गैस का इस्तेमाल किया। बाद में सरकार की ओर से CJP प्रतिनिधियों के साथ बातचीत भी शुरू की गई, लेकिन आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है.

ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है जब CJP आंदोलन को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दल भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान दे चुके हैं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठा रहे हैं।

तथ्य जांच:

  • ममता बनर्जी ने कहा कि असहमति जताना अपराध नहीं है और पुलिस कार्रवाई की आलोचना की।
  • उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
  • संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी।
  • सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच वार्ता जारी है, लेकिन मांगों पर अंतिम सहमति नहीं बनी है।

निष्कर्ष:

CJP संसद मार्च पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। ममता बनर्जी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की है, जबकि सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई।

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