बड़ी खबर: सोनम वांगचुक की जारी भूख हड़ताल को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि 18 दिन बीत जाने के बावजूद सरकार की चुप्पी चिंताजनक है और विपक्षी दलों से अपील की कि वे सोनम वांगचुक तथा उनके साथ अनशन कर रहे युवाओं का समर्थन करें।
शिवानंद तिवारी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन को अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद का रास्ता अपनाना सरकार की जिम्मेदारी है और वांगचुक की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
RJD नेता ने सोनम वांगचुक को एक असाधारण व्यक्तित्व बताते हुए उनके सामाजिक और वैज्ञानिक योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने लद्दाख जैसे कठिन क्षेत्र में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, इसलिए उनकी बातों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर आमरण अनशन पर हैं। उनकी बिगड़ती तबीयत को लेकर विभिन्न विपक्षी नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी चिंता जताई है।
तथ्य जांच:
- शिवानंद तिवारी ने सोनम वांगचुक के समर्थन में विपक्ष से एकजुट होने की अपील की।
- उन्होंने सरकार की चुप्पी को चिंताजनक बताया और लोकतांत्रिक संवाद की मांग की।
- सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 18वें दिन में पहुंच चुकी है और स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई जा रही है।
निष्कर्ष:
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर राजनीतिक समर्थन बढ़ता दिख रहा है। शिवानंद तिवारी ने सरकार से बातचीत शुरू करने और विपक्ष से इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की है।
