बड़ी खबर: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कर्मचारियों के लिए नए नियम लागू किए हैं। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने बताया कि अब दान से जुड़े कार्य करने वाले कर्मचारियों को बिना जेब (No Pocket) वाले कपड़े पहनने होंगे। साथ ही, दान की गिनती टेबल पर नहीं, बल्कि विशेष व्यवस्था के तहत की जाएगी।
स्वामी गोविंद देव गिरी ने बताया कि इन नियमों का उद्देश्य दान प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखना और किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि मंदिर में सेवा से जुड़े कर्मचारियों के लिए सादगी और अनुशासन को प्राथमिकता दी गई है।
इसके अलावा, मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से भी मर्यादित और शालीन वस्त्र पहनकर आने की अपील की गई है। ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर परिसर की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
तथ्य जांच:
- दान व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के लिए नो-पॉकेट ड्रेस कोड लागू किया गया।
- दान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई।
- श्रद्धालुओं से शालीन व मर्यादित वस्त्र पहनकर आने की अपील की गई है।
निष्कर्ष:
राम मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि नए नियमों का उद्देश्य दान व्यवस्था में पारदर्शिता, अनुशासन और श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत करना है। इसके लिए कर्मचारियों और श्रद्धालुओं दोनों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं।
