भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश, मुस्लिम पक्ष को नमाज के लिए पास में स्थान देने के निर्देश

NRC News Hindi: भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश, मुस्लिम पक्ष को नमाज के लिए पास में स्थान देने के निर्देश

बड़ी खबर: मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला परिसर विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए राज्य सरकार को मुस्लिम पक्ष के लिए विवादित परिसर के समीप स्थित दरगाह भूमि पर शुक्रवार की नमाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी कहा कि नमाज के लिए आने-जाने का मार्ग हिंदू श्रद्धालुओं के रास्ते से अलग रखा जाए ताकि शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे।

दिनांक: 31 जुलाई 2026
स्थान: नई दिल्ली / धार, मध्य प्रदेश

सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि प्रशासन द्वारा पहले जो वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया गया था, वह विवादित परिसर से काफी दूर था और वहां तक पहुंचना व्यावहारिक नहीं था। इस पर सर्वोच्च न्यायालय ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि नमाज के लिए परिसर के निकट स्थित उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराई जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था अंतरिम (अस्थायी) है और इसका उद्देश्य किसी भी समुदाय के धार्मिक अधिकारों को प्रभावित किए बिना शांति बनाए रखना है। अदालत ने प्रशासन को निर्देश दिया कि दोनों समुदायों की धार्मिक गतिविधियां बिना किसी टकराव के संपन्न हों।

भोजशाला-कमाल मौला परिसर लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। हिंदू पक्ष इसे मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद से जुड़ा धार्मिक स्थल बताता है। इस विवाद से जुड़े विभिन्न मामलों की सुनवाई अभी भी न्यायालय में जारी है।

तथ्य जांच:

  • सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष के लिए भोजशाला परिसर के पास दरगाह भूमि पर नमाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
  • अदालत ने दोनों समुदायों के लिए अलग-अलग मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
  • पहले आवंटित वैकल्पिक स्थान को मुस्लिम पक्ष ने काफी दूर बताया था।
  • मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और यह अंतरिम व्यवस्था है।

निष्कर्ष:

सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला विवाद में अंतरिम व्यवस्था के जरिए दोनों समुदायों के धार्मिक अधिकारों और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है। मामले का अंतिम फैसला अभी आना बाकी है और न्यायालय में सुनवाई जारी रहेगी।

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