बड़ी खबर: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ऐलान किया है कि वह दिसंबर 2026 में अपने देश लौटेंगी और अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करेंगी। उन्होंने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी या मौत का खतरा है, लेकिन वह अपने देश लौटने के फैसले पर कायम हैं। उनके साथ अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता भी लौटेंगे।
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक साक्षात्कार में कहा कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटकर न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करेंगी। उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि उनकी वापसी पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है या उनकी जान को भी खतरा हो सकता है, लेकिन वह अपने देश की धरती पर ही हर स्थिति का सामना करना चाहती हैं।
शेख हसीना ने बताया कि उनके साथ अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता भी बांग्लादेश लौटेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है, इसके बावजूद संगठन को फिर से सक्रिय करने का प्रयास जारी है।
रिपोर्टों के अनुसार, शेख हसीना 2024 में सत्ता से हटने के बाद भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की एक अदालत ने उन्हें अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी, जिसे उन्होंने राजनीतिक रूप से प्रेरित और अस्वीकार्य बताया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि शेख हसीना दिसंबर में बांग्लादेश लौटती हैं, तो इससे देश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उनकी वापसी से राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म होने की संभावना जताई जा रही है।
बांग्लादेश सरकार की ओर से फिलहाल शेख हसीना के इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं उनकी वापसी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
तथ्य जांच:
- शेख हसीना ने दिसंबर 2026 में बांग्लादेश लौटने की घोषणा की है।
- उन्होंने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने की बात कही है।
- हसीना ने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी या मौत का खतरा हो सकता है।
- अवामी लीग के वरिष्ठ नेता भी उनके साथ लौटने की योजना में शामिल हैं।
- इस घोषणा के बाद बांग्लादेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है।
निष्कर्ष:
शेख हसीना की दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की घोषणा दक्षिण एशिया की राजनीति की एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है। उनकी संभावित वापसी और आत्मसमर्पण का फैसला बांग्लादेश की राजनीतिक परिस्थितियों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है। आने वाले महीनों में इस घटनाक्रम पर पूरे क्षेत्र की नजर बनी रहेगी।
