बड़ी खबर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में हालिया गिरावट के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों में तत्काल कमी नहीं की गई है। केंद्र सरकार का कहना है कि कीमतों में कटौती पर फैसला तभी लिया जाएगा जब वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता कुछ और सप्ताह तक बनी रहे।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि हाल के महीनों में पश्चिम एशिया के तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। अब जबकि अंतरराष्ट्रीय कीमतें घटी हैं, कंपनियां पहले अपने पुराने घाटे की भरपाई करना चाहती हैं। इसी वजह से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में तुरंत कटौती नहीं की गई है।
सरकार के अनुसार, यदि कच्चे तेल की कीमतें लगातार कम बनी रहती हैं और वैश्विक बाजार में स्थिरता बनी रहती है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत देने पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल सरकार बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
हालांकि, हाल के दिनों में विमान ईंधन (ATF) और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई है, जिससे एयरलाइंस और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है। दूसरी ओर, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने अभी तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
तथ्य जांच:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है।
- सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें तुरंत कम नहीं की हैं।
- तेल कंपनियां पहले पिछले महीनों के घाटे की भरपाई कर रही हैं।
- सरकार ने कहा है कि वैश्विक बाजार में स्थिरता रहने पर कीमतों में कटौती पर विचार किया जाएगा।
निष्कर्ष:
कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर रखी गई हैं। सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि यदि वैश्विक बाजार में गिरावट लंबे समय तक बनी रहती है, तभी आम उपभोक्ताओं को ईंधन कीमतों में राहत मिल सकती है।
