सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के वॉकआउट पर काकोली घोष नाराज, बोलीं- जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी

NRC News Hindi: सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के वॉकआउट पर काकोली घोष नाराज, बोलीं- जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी

बड़ी खबर: संसद के मानसून सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों के वॉकआउट पर नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) की नेता काकोली घोष ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य जनता के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना था, लेकिन विपक्ष ने बीच में बैठक छोड़कर लोकतांत्रिक संवाद का अवसर गंवा दिया।

दिनांक: 19 जुलाई 2026
स्थान: नई दिल्ली

काकोली घोष ने कहा कि संसद सत्र से पहले होने वाली सर्वदलीय बैठक सभी दलों को अपनी बात रखने का अवसर देती है। उनके अनुसार, यदि किसी दल को आपत्ति थी तो उसे बैठक के भीतर अपनी बात रखनी चाहिए थी, न कि वॉकआउट करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि संसद में जनहित के मुद्दों पर चर्चा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

दरअसल, सर्वदलीय बैठक के दौरान कई विपक्षी दलों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को बैठक में आमंत्रित किए जाने का विरोध किया। उनका आरोप था कि इससे दलबदल को वैधता मिलती है। विरोध स्वरूप कई विपक्षी दल बैठक से बाहर निकल गए।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि NCPI ने औपचारिक रूप से मान्यता का अनुरोध किया था, इसलिए उन्हें बैठक में आमंत्रित करना उचित था। उन्होंने कहा कि किसी मान्यता प्राप्त समूह की अनदेखी नहीं की जा सकती।

तथ्य जांच:

  • संसद के मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई।
  • विपक्षी दलों ने TMC के बागी सांसदों को बुलाने के विरोध में वॉकआउट किया।
  • काकोली घोष ने वॉकआउट पर नाराजगी जताते हुए जनहित के मुद्दों पर चर्चा की वकालत की।
  • किरण रिजिजू ने कहा कि NCPI को उसके अनुरोध के आधार पर बैठक में बुलाया गया।

निष्कर्ष:

मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के वॉकआउट और NCPI को आमंत्रित किए जाने को लेकर विवाद ने आगामी संसद सत्र के दौरान तीखी राजनीतिक बहस के संकेत दे दिए हैं।

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