बड़ी खबर: लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार भारत के छात्रों और युवाओं का भविष्य किसी भी कीमत पर बर्बाद नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि यह संशोधन परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
लोकसभा में चर्चा के दौरान जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह विधेयक वर्ष 2024 के पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट में संशोधन है। उन्होंने कहा कि पहले वाला कानून भी इसी सरकार ने बनाया था और अब उसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए संशोधन लाया गया है। उनके अनुसार यह कानून छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संशोधित विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ सजा और जुर्माने को और कड़ा करने का प्रस्ताव है। साथ ही परीक्षा से जुड़े अपराधों की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स, तय समय सीमा में जांच पूरी करने और मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट का भी प्रावधान किया गया है।
विपक्ष ने चर्चा के दौरान शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा सुरक्षा और हालिया पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगा। सरकार का कहना है कि नया संशोधन भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद करेगा और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
तथ्य जांच:
- लोकसभा में पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा हुई।
- केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों का भविष्य बर्बाद नहीं होने देगी।
- विधेयक में सजा, जुर्माने, स्पेशल टास्क फोर्स और फास्ट ट्रैक कोर्ट के प्रावधान प्रस्तावित हैं।
- सरकार का दावा है कि संशोधन परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाएगा।
निष्कर्ष:
पेपर लीक पर सख्ती के उद्देश्य से लाए गए संशोधन विधेयक पर संसद में बहस तेज हो गई है। सरकार इसे छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम बता रही है, जबकि विपक्ष व्यापक शिक्षा सुधार और जवाबदेही की मांग पर कायम है।
