संसद मार्च पर शशि थरूर का सरकार पर हमला, बोले- "सरकार क्यों डरी? मैं बहुत दुखी हूं"

NRC News Hindi: संसद मार्च पर शशि थरूर का सरकार पर हमला, बोले- "सरकार क्यों डरी? मैं बहुत दुखी हूं"

बड़ी खबर: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि "सरकार क्यों डरी? मैं बहुत दुखी हूं।" थरूर ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वालों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है और सरकार को युवाओं की बात सुननी चाहिए।

दिनांक: 20 जुलाई 2026
स्थान: नई दिल्ली

शशि थरूर ने कहा कि यदि छात्र और युवा अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से संसद तक मार्च करना चाहते थे तो सरकार को उनसे संवाद करना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए जिस प्रकार का बल प्रयोग किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। थरूर ने कहा कि असहमति लोकतंत्र की ताकत होती है, उसे दबाया नहीं जाना चाहिए।

कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे गंभीर हैं। इन विषयों पर संसद में खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि आंदोलनकारी छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत कर समाधान निकाला जाए, ताकि टकराव की स्थिति पैदा न हो।

इससे पहले भी शशि थरूर ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन करते हुए उन्हें पत्र लिखा था। उन्होंने वांगचुक से स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की थी और भरोसा दिलाया था कि छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को संसद में प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। वहीं CJP ने आरोप लगाया है कि संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती की गई, जबकि दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई कार्रवाई को उचित बताया है।

तथ्य जांच:

  • शशि थरूर ने CJP के संसद मार्च के दौरान हुई कार्रवाई पर दुख जताया।
  • उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदर्शनकारियों से संवाद करना चाहिए था।
  • थरूर ने शिक्षा और युवाओं के मुद्दों पर संसद में चर्चा की आवश्यकता बताई।
  • उन्होंने पहले भी सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी थी।

निष्कर्ष:

CJP के संसद मार्च को लेकर देश की राजनीति में बहस तेज हो गई है। शशि थरूर ने सरकार से बल प्रयोग के बजाय संवाद का रास्ता अपनाने और छात्रों व युवाओं की आवाज़ को गंभीरता से सुनने की अपील की है।

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