बड़ी खबर: कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर उत्तर प्रदेश प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन योजना लागू कर दी है। मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और NH-58 (दिल्ली-हरिद्वार मार्ग) पर कई स्थानों पर यातायात प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन व्यवस्थाओं का असर दिल्ली, हरिद्वार, देहरादून और सहारनपुर के बीच यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ सकता है।
प्रशासन के अनुसार, 30 जुलाई से भारी वाहनों की आवाजाही पर चरणबद्ध प्रतिबंध लागू किए जा रहे हैं। वहीं 4 अगस्त से 12 अगस्त तक दिल्ली-हरिद्वार हाईवे और गंग नहर मार्ग पर सामान्य वाहनों के आवागमन पर रोक रहेगी, ताकि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी अवश्य लें। रोडवेज बसों का संचालन भी कई स्थानों पर डायवर्ट रूट से किया जाएगा, जिससे यात्रा समय बढ़ सकता है।
गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, अस्थायी पुलिस चौकियां, वॉच टावर और हर 500 मीटर पर CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।
तथ्य जांच:
- कांवड़ यात्रा के दौरान NH-58 और दिल्ली-हरिद्वार मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है।
- 30 जुलाई से भारी वाहनों पर चरणबद्ध प्रतिबंध और 4–12 अगस्त तक कई मार्गों पर सामान्य वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी।
- रोडवेज बसें वैकल्पिक मार्गों से संचालित की जाएंगी।
- सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस, CCTV और वॉच टावर तैनात किए जा रहे हैं।
निष्कर्ष:
कांवड़ यात्रा 2026 को देखते हुए उत्तर प्रदेश में व्यापक ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है। यदि आप दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, हरिद्वार या देहरादून की ओर यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो निर्धारित डायवर्जन और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करना जरूरी होगा।
