बड़ी खबर: संसद मार्च के बाद भी Cockroach Janta Party (CJP) ने अपना आंदोलन समाप्त करने से इनकार कर दिया है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक जंतर-मंतर पर धरना और आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत के प्रयास जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।
CJP का कहना है कि उसकी प्रमुख मांगों में NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करना, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल है। संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार अब तक इन मांगों पर ठोस निर्णय लेने से बच रही है।
अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और देशभर के छात्र व युवा इससे जुड़ते रहेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल संसद की ओर दोबारा मार्च की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जंतर-मंतर पर धरना जारी रहेगा।
इस बीच, विपक्षी दल लगातार आंदोलन के समर्थन में सरकार पर दबाव बना रहे हैं। वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई थी। पुलिस हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान और अन्य घटनाओं की जांच कर रही है तथा कई एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
सरकार की ओर से CJP प्रतिनिधियों के साथ बातचीत हुई है, लेकिन आंदोलनकारियों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उनका कहना है कि जब तक लिखित रूप में निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
तथ्य जांच:
- CJP ने जंतर-मंतर पर अपना धरना जारी रखने का ऐलान किया है।
- अभिजीत दीपके ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।
- सरकार और CJP के बीच बातचीत हुई, लेकिन अंतिम सहमति नहीं बनी।
- दिल्ली पुलिस ने हिंसा और तोड़फोड़ के मामलों में कई एफआईआर दर्ज की हैं।
निष्कर्ष:
संसद मार्च के बाद भी CJP ने अपना आंदोलन जारी रखा है। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन फिलहाल किसी समाधान पर सहमति नहीं बनी है। ऐसे में आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना बनी हुई है।
