बड़ी खबर: पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "हनुमानगढ़ी में कभी नमाज नहीं पढ़ी गई, ऐसा कहना गलत है।" साथ ही उन्होंने दावा किया कि हनुमानगढ़ी का निर्माण एक मुस्लिम द्वारा कराया गया था और इसका उल्लेख वहां मौजूद शिलालेख में दर्ज है।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि लोगों को हनुमानगढ़ी का वास्तविक इतिहास जानना चाहिए। उनके अनुसार, मंदिर परिसर में लगे एक पत्थर के शिलालेख में इस निर्माण का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर इतिहास के तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए।
यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में आरोप लगाया था कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी और इस मुद्दे पर विपक्ष से माफी मांगने की बात कही थी। बृजभूषण शरण सिंह ने इसी दावे से असहमति जताई है।
बृजभूषण के बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने उनके बयान का स्वागत किया है, जबकि भाजपा के कुछ नेताओं ने इसे उनकी व्यक्तिगत राय बताया है। फिलहाल इस विषय पर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
तथ्य जांच:
- बृजभूषण शरण सिंह ने हनुमानगढ़ी को लेकर मुख्यमंत्री योगी के बयान से असहमति जताई।
- उन्होंने दावा किया कि हनुमानगढ़ी का निर्माण एक मुस्लिम द्वारा कराया गया था और इसका उल्लेख शिलालेख में है।
- मुख्यमंत्री योगी ने पहले समाजवादी पार्टी पर हनुमानगढ़ी में नमाज की अनुमति देने का आरोप लगाया था।
- भाजपा के कुछ नेताओं ने बृजभूषण के बयान को व्यक्तिगत राय बताया है।
निष्कर्ष:
हनुमानगढ़ी को लेकर बृजभूषण शरण सिंह के बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर उन्होंने मंदिर के इतिहास को लेकर अलग दावा किया है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी के पहले दिए गए बयान से सार्वजनिक रूप से असहमति भी जताई है।
