बड़ी खबर: E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच छत्तीसगढ़ के रायपुर कंज्यूमर कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने एक कार मालिक की शिकायत को सही मानते हुए कहा कि E20 पेट्रोल भरवाने के बाद वाहन में लगातार तकनीकी खराबियां आईं। कोर्ट ने वाहन निर्माता कंपनी को 45 दिनों के भीतर उसी मॉडल की नई E20-उपयुक्त कार देने, अन्यथा 20.50 लाख रुपये लौटाने का आदेश दिया है। साथ ही 1 लाख रुपये मानसिक प्रताड़ना और 10 हजार रुपये मुकदमे का खर्च देने का भी निर्देश दिया है।
शिकायतकर्ता का कहना था कि वर्ष 2024 में खरीदी गई उनकी कार E20 पेट्रोल भरवाने के बाद इंजन मिसफायरिंग, माइलेज में गिरावट और बार-बार खराब होने जैसी समस्याओं से जूझने लगी। कई बार सर्विस सेंटर पर मरम्मत कराने के बावजूद समस्या दूर नहीं हुई। सुनवाई के दौरान वाहन निर्माता और डीलर ने दावा किया कि कार E20 ईंधन के अनुकूल है और खराबी रखरखाव की कमी के कारण हुई, लेकिन कोर्ट इस दलील से संतुष्ट नहीं हुआ।
कोर्ट के सामने प्रस्तुत तकनीकी रिपोर्ट में इंजन और फ्यूल सिस्टम में E20 से जुड़े अवशेष मिलने का उल्लेख किया गया। इसके आधार पर उपभोक्ता को राहत देते हुए अदालत ने कंपनी को नई कार उपलब्ध कराने या पूरी कीमत लौटाने का आदेश दिया। इसे E20 पेट्रोल से जुड़ी शिकायत में उपभोक्ता के पक्ष में आया देश का पहला बड़ा फैसला माना जा रहा है।
तथ्य जांच:
- रायपुर कंज्यूमर कोर्ट ने वाहन मालिक के पक्ष में फैसला सुनाया।
- कंपनी को 45 दिन में नई E20-उपयुक्त कार देने या 20.50 लाख रुपये लौटाने का आदेश दिया गया।
- कोर्ट ने 1 लाख रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमे का खर्च देने का भी निर्देश दिया।
- मामला E20 पेट्रोल भरने के बाद वाहन में आई तकनीकी खराबियों से जुड़ा था।
निष्कर्ष:
रायपुर कंज्यूमर कोर्ट का यह फैसला E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच एक महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल माना जा रहा है। इससे भविष्य में ऐसे मामलों में उपभोक्ताओं और वाहन कंपनियों की जिम्मेदारियों को लेकर नई कानूनी दिशा मिल सकती है।
