बड़ी खबर: संसद के मानसून सत्र के 11वें दिन लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही विपक्ष के भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। विपक्ष ने जंतर-मंतर प्रदर्शन, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। शोर-शराबे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ओम बिड़ला ने सदन को शांतिपूर्वक चलाने की अपील करते हुए कहा कि लगातार व्यवधान लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। इसके बावजूद हंगामा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे और बाद में आगे के लिए स्थगित करनी पड़ी। राज्यसभा में भी इसी तरह का गतिरोध देखने को मिला।
हंगामे के बीच सरकार ने लोकसभा में इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट बिल, 2026 और बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 पेश किए। वहीं, सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक पर भी चर्चा का कार्यक्रम सूचीबद्ध रहा।
विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद और जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग दोहराई, जबकि सरकार ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने की अपील की।
तथ्य जांच:
- मानसून सत्र के 11वें दिन लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया।
- जंतर-मंतर प्रदर्शन और राम मंदिर चढ़ावा विवाद प्रमुख मुद्दे रहे।
- सरकार ने इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट बिल, 2026 और बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 पेश किए।
- हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
निष्कर्ष:
मानसून सत्र का 11वां दिन भी राजनीतिक टकराव के बीच बीता। विपक्ष और सरकार के बीच जारी गतिरोध के कारण संसदीय कार्य प्रभावित रहा, हालांकि सरकार ने अपने कुछ महत्वपूर्ण विधायी कार्य आगे बढ़ाने की कोशिश की।
