बड़ी खबर: उत्तराखंड की कक्षा 12वीं की छात्रा और ताइक्वांडो खिलाड़ी शायरा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने ₹1.5 लाख को लेकर कही गई अपनी बात पर सफाई दी है। शायरा ने बाद में जारी किए गए वीडियो में स्पष्ट किया कि यह रकम किसी अधिकारी की ओर से मांगी गई रिश्वत नहीं थी, बल्कि रोमानिया में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए उन्हें अपनी ओर से जुटानी थी। उनके इस स्पष्टीकरण के बाद मामले को लेकर सामने आए राजनीतिक विवाद की तस्वीर भी बदल गई है।
शायरा ने 10 अगस्त को देहरादून में आयोजित मुख्यमंत्री के ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में अपनी समस्या बताई थी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने जम्मू में हुई राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था और इसके बाद उनका चयन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ था। हालांकि, आर्थिक परेशानी के कारण वह प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो सकीं।
कार्यक्रम के दौरान शायरा ने ₹1.5 लाख की जरूरत का जिक्र किया था। उनकी बात के बाद कांग्रेस ने इसे रिश्वत की मांग से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक शायरा ने उस समय भी किसी अधिकारी का नाम नहीं लिया था और अपनी बाद की सफाई में उन्होंने रकम को रिश्वत नहीं बताया।
बाद में शायरा ने वीडियो जारी कर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि उनका चयन रोमानिया में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ था। उनके अनुसार संबंधित संगठन की ओर से करीब ₹1.70 लाख खर्च उपलब्ध कराया जाना था, जबकि बाकी ₹1.5 लाख उन्हें स्वयं जुटाने थे।
शायरा ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने स्कूल या किसी अन्य व्यक्ति को इस अवसर के बारे में जानकारी नहीं दी थी। इसी वजह से वह आवश्यक रकम की व्यवस्था नहीं कर सकीं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए रोमानिया नहीं जा पाईं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ कार्यक्रम में हुई बातचीत के बाद मामले पर सरकार की ओर से जानकारी जुटाने की बात सामने आई थी। अब शायरा के स्पष्टीकरण के बाद यह स्पष्ट है कि ₹1.5 लाख को उन्होंने अपनी ओर से वहन किए जाने वाले खर्च के रूप में बताया है, न कि किसी सरकारी अधिकारी की ओर से मांगी गई रिश्वत के तौर पर।
इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयनित खिलाड़ियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता और ऐसे खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध सहायता व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। शायरा के मामले में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात उनकी ओर से दिया गया बाद का स्पष्टीकरण है।
तथ्य जांच:
- शायरा उत्तराखंड की कक्षा 12वीं की छात्रा और ताइक्वांडो खिलाड़ी हैं।
- उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की ताइक्वांडो प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था।
- उनका चयन रोमानिया में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ था।
- उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यक्रम में आर्थिक समस्या का मुद्दा उठाया था।
- ₹1.5 लाख की रकम को लेकर बाद में रिश्वत का राजनीतिक आरोप लगाया गया।
- शायरा ने बाद के वीडियो में इस रकम को रिश्वत नहीं बताया।
- उनके अनुसार करीब ₹1.70 लाख की राशि संबंधित संगठन की ओर से दी जानी थी।
- बाकी ₹1.5 लाख उन्हें स्वयं जुटाने थे।
- उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने स्कूल या किसी अन्य व्यक्ति को इस अवसर के बारे में नहीं बताया था।
- उनकी सफाई के अनुसार रकम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के खर्च का हिस्सा थी, किसी अधिकारी द्वारा मांगी गई रिश्वत नहीं।
निष्कर्ष
उत्तराखंड की ताइक्वांडो खिलाड़ी शायरा के ₹1.5 लाख वाले मामले में बाद की सफाई से तस्वीर स्पष्ट हुई है। उन्होंने बताया कि रकम किसी अधिकारी को रिश्वत के रूप में देने के लिए नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जाने के लिए उनकी व्यक्तिगत हिस्सेदारी के खर्च के तौर पर चाहिए थी। ऐसे में मामले को रिश्वत की मांग के रूप में पेश करने से पहले शायरा के स्पष्टीकरण को ध्यान में रखना जरूरी है।
