बड़ी खबर: बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 2027 का चुनाव एकतरफा नहीं होगा, बल्कि कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में दिल्ली की अदालत से महिला पहलवानों से जुड़े मामले में उन्हें बरी किया गया है।
बृजभूषण शरण सिंह के बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने चुनाव को एकतरफा मानने से इनकार करते हुए इसे कठिन मुकाबला बताया है।
बृजभूषण शरण सिंह उत्तर प्रदेश की कैसरगंज लोकसभा सीट से छह बार सांसद रह चुके हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। उनकी जगह उनके बेटे करण भूषण सिंह को कैसरगंज से उम्मीदवार बनाया गया था और उन्होंने चुनाव जीता था।
बृजभूषण शरण सिंह की राजनीतिक सक्रियता को लेकर भी हाल के दिनों में चर्चा बढ़ी है। 3 अगस्त 2026 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के मामले में उन्हें बरी कर दिया था। इसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हुई हैं।
2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में बृजभूषण शरण सिंह का चुनाव को लेकर दिया गया बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, उनके बयान से यह स्पष्ट नहीं है कि वह खुद 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे या नहीं।
इससे पहले बृजभूषण शरण सिंह 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा भी जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अगर वह जीवित रहे तो 2029 का चुनाव जरूर लड़ेंगे और बीजेपी से टिकट मिलने की कोशिश करेंगे।
तथ्य जांच:
- बृजभूषण शरण सिंह ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को एकतरफा नहीं बताया है।
- उन्होंने चुनाव को कड़े मुकाबले वाला बताया है।
- बृजभूषण शरण सिंह कैसरगंज से छह बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं।
- 2024 में बीजेपी ने उन्हें लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया था।
- उनके बेटे करण भूषण सिंह को कैसरगंज से उम्मीदवार बनाया गया था।
- 3 अगस्त 2026 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें महिला पहलवानों से जुड़े मामले में बरी किया था।
- उनके बरी होने के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता को लेकर चर्चा तेज हुई है।
- उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है।
निष्कर्ष:
बृजभूषण शरण सिंह के 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर दिए बयान से राज्य की सियासत में चुनावी चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने चुनाव को एकतरफा न मानते हुए कड़े मुकाबले की बात कही है। हालांकि, उन्होंने इस बयान में खुद 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है।
