बड़ी खबर: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन 7 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा गिर गया, जबकि Nifty 50 करीब 24,600 के स्तर पर दबाव में रहा।
बाजार में गिरावट की प्रमुख वजहों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, कमजोर वैश्विक संकेत और तिमाही नतीजों को लेकर निवेशकों की सतर्कता शामिल रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 83 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए चिंता बढ़ी है।
एशियाई बाजारों में कमजोरी और वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता का असर भी भारतीय बाजार पर दिखाई दिया। निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों में बिकवाली का रुख अपनाया, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ा।
गिरावट के बीच LIC, SBI और Titan समेत कुछ कंपनियां तिमाही नतीजों और अन्य कारोबारी अपडेट के कारण चर्चा में रहीं। वहीं ऑटो, मेटल और कुछ बैंकिंग शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
बाजार के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को सेंसेक्स लगभग 78,695 के स्तर पर और निफ्टी लगभग 24,615 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
तथ्य जांच:
- सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 400 अंक से ज्यादा टूटा।
- निफ्टी 24,600 के आसपास दबाव में रहा।
- कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बाजार के लिए चिंता का प्रमुख कारण रही।
- कमजोर वैश्विक संकेतों और तिमाही नतीजों का भी बाजार पर असर पड़ा।
निष्कर्ष:
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक बाजारों की कमजोरी के बीच निवेशक फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं। आने वाले कारोबार में वैश्विक संकेत और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
