गोवा में वंदे मातरम् विवाद पर खरगे का BJP पर पलटवार, बोले- गांधी-नेहरू और पटेल पर केस कर दो

NRC News Hindi: गोवा में वंदे मातरम् विवाद पर खरगे का BJP पर पलटवार, बोले- गांधी-नेहरू और पटेल पर केस कर दो

बड़ी खबर: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गोवा के पणजी में वंदे मातरम् को लेकर चल रहे विवाद पर बीजेपी पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वही वंदे मातरम् गाया है, जिसे महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू जैसे नेता गाते रहे हैं। खरगे ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इस तरह वंदे मातरम् गाना अपराध है तो महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल पर भी केस किया जाना चाहिए।

दिनांक: 18 अगस्त 2026
स्थान: पणजी, गोवा

वंदे मातरम् के गायन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक विवाद लगातार तेज हो रहा है। इसी बीच गोवा में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम् के दो अंतरों का गायन किया। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी मौजूद रहे।

खरगे ने बीजेपी की आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस ने वंदे मातरम् की उसी परंपरा का पालन किया है, जो लंबे समय से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने करीब 90 साल पहले राष्ट्रीय गीत को लेकर जो परंपरा अपनाई थी, उसी के अनुसार कार्यक्रम में वंदे मातरम् गाया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने वही वंदे मातरम् गाया, जिसे महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू गाते थे। उन्होंने कहा कि यदि इसे अपराध माना जा रहा है तो गांधी, नेहरू और सरदार पटेल के खिलाफ भी केस किया जाना चाहिए। खरगे ने अटल बिहारी वाजपेयी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय से अलग-अलग दौर में इसी तरह वंदे मातरम् गाया जाता रहा है।

खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब भी वंदे मातरम् इसी तरह गाया जाता था। खरगे ने सवाल किया कि अगर यह अपराध है तो इतने वर्षों तक इसे गाने वाले लोगों को भी जिम्मेदार माना जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि केवल सरकार बदलने से देश में वर्षों से चली आ रही परंपराएं नहीं बदल जातीं। खरगे के मुताबिक, कांग्रेस ने राष्ट्रीय गीत को लेकर करीब 90 साल पहले जो व्यवस्था और परंपरा अपनाई थी, पार्टी उसी का पालन कर रही है।

वंदे मातरम् को लेकर यह विवाद 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के बाद और बढ़ा। उस कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् के गायन को लेकर बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए। बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रगीत के गायन को रोकने की कोशिश की, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया। कांग्रेस का कहना है कि उस दौरान सोनिया गांधी खरगे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने के संबंध में बात कर रही थीं।

गोवा में भी इस मुद्दे को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने खरगे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बीजेपी की ओर से कांग्रेस नेतृत्व से वंदे मातरम् को लेकर माफी मांगने की मांग की गई है। इस पूरे विवाद के बीच खरगे ने बीजेपी पर राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस की पुरानी परंपरा का बचाव किया है।

वंदे मातरम् को लेकर जारी विवाद अब केवल गायन के तरीके तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस और बीजेपी के बीच राष्ट्रवाद, स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत और राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

तथ्य जांच:

  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पणजी, गोवा में वंदे मातरम् विवाद पर बयान दिया।
  • गोवा में कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् के दो अंतरों का गायन किया गया।
  • खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने गांधी और नेहरू द्वारा गाए जाने वाले संस्करण की परंपरा का पालन किया।
  • खरगे ने कहा कि यदि इसे अपराध माना जाता है तो गांधी, नेहरू और पटेल पर भी केस किया जाना चाहिए।
  • उन्होंने वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस की करीब 90 साल पुरानी परंपरा का उल्लेख किया।
  • 15 अगस्त के कांग्रेस कार्यक्रम के बाद वंदे मातरम् को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में विवाद शुरू हुआ था।
  • बीजेपी ने कांग्रेस नेतृत्व पर वंदे मातरम् के अपमान का आरोप लगाया है।
  • कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को खारिज किया है।
  • गोवा में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने खरगे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया।
  • विवाद के बीच दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

निष्कर्ष:

गोवा में वंदे मातरम् के गायन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच विवाद और तेज हो गया है। मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस की पुरानी परंपरा का बचाव करते हुए बीजेपी पर पलटवार किया और गांधी, नेहरू तथा पटेल का उल्लेख किया। वहीं बीजेपी कांग्रेस से वंदे मातरम् के सम्मान को लेकर स्पष्टीकरण और माफी की मांग कर रही है। यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है।

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