बड़ी खबर: राजस्थान के जयपुर जिले के रामपुरा कंवरपुरा गांव में तबेले में चल रहे सरकारी प्राइमरी स्कूल के लिए राज्य सरकार ने नई बिल्डिंग बनाने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य 1 सितंबर 2026 से शुरू किया जाएगा। इसके लिए कुल 18 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया है।
रामपुरा कंवरपुरा गांव का सरकारी प्राइमरी स्कूल लंबे समय से खराब हालत में चल रहा था। स्कूल की पुरानी बिल्डिंग को करीब एक साल पहले जर्जर घोषित कर इस्तेमाल के लिए बंद कर दिया गया था। इसके बाद स्कूल को गांव से करीब 4 किलोमीटर दूर स्थानांतरित किया गया, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण बच्चों को वहां भेजने में परिवारों को परेशानी होने लगी।
बाद में गांव के सत्यनारायण शर्मा ने अपने तबेले की जमीन स्कूल के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराई। इसके बाद बच्चों की पढ़ाई वहीं शुरू हुई। स्कूल में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाई होती है और वर्तमान में 18 बच्चों का पंजीकरण बताया गया है। बच्चों को पढ़ाने के लिए दो महिला शिक्षिकाएं नियुक्त हैं।
18 लाख रुपये से बनेगी नई बिल्डिंग
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, स्कूल की नई बिल्डिंग के निर्माण के लिए 18 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया है। इसमें 12 लाख रुपये DMFT फंड से और 6 लाख रुपये स्थानीय विधायक डॉ. कैलाश वर्मा की विधायक निधि से स्वीकृत किए गए हैं। निर्माण कार्य 1 सितंबर से शुरू करने की तैयारी है।
सरकार की ओर से कहा गया है कि नई बिल्डिंग बनने के बाद स्कूल की जर्जर भवन वाली पहचान खत्म होगी और विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ उनकी पढ़ाई भी बेहतर वातावरण में जारी रह सकेगी।
सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने का दावा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से कहा गया है कि सरकारी स्कूलों को विकसित करना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार ने शिक्षा विभाग में बुनियादी कमियों को दूर करने के लिए आने वाले तीन वर्षों के लिए 12,500 करोड़ रुपये के बजट का रोडमैप तैयार करने की बात भी कही है।
सरकार के मुताबिक, शिक्षा से जुड़े करीब 3,006 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है। डिजिटल शिक्षा और स्मार्ट क्लास जैसी योजनाओं पर भी काम किए जाने की जानकारी दी गई है।
CJP ने फैसले का किया स्वागत
रामपुरा कंवरपुरा स्कूल को नई बिल्डिंग दिए जाने के फैसले का कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी स्वागत किया है। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि सरकार पहले ही यह कदम उठा लेती तो विवाद की स्थिति पैदा नहीं होती।
दरअसल, 21 अगस्त को इसी स्कूल के निरीक्षण के लिए गांव पहुंची CJP की टीम को कथित तौर पर स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा था। CJP ने आरोप लगाया था कि उसके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। इन आरोपों को लेकर अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं।
नई बिल्डिंग की मंजूरी के बाद अब स्कूल को स्थायी और सुरक्षित भवन मिलने की उम्मीद है। निर्माण पूरा होने के बाद बच्चों को तबेले में पढ़ाई करने की स्थिति से भी राहत मिलेगी।
तथ्य जांच:
- रामपुरा कंवरपुरा गांव का सरकारी प्राइमरी स्कूल जयपुर जिले में है।
- स्कूल की पुरानी बिल्डिंग को करीब एक साल पहले जर्जर घोषित कर बंद कर दिया गया था।
- स्कूल को पहले करीब 4 किलोमीटर दूर स्थानांतरित किया गया था।
- बाद में गांव के सत्यनारायण शर्मा ने अपने तबेले की जमीन स्कूल के लिए उपलब्ध कराई।
- स्कूल में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाई होती है।
- स्कूल में 18 बच्चों का पंजीकरण है।
- दो महिला शिक्षिकाएं यहां पढ़ाती हैं।
- नई बिल्डिंग का निर्माण 1 सितंबर 2026 से शुरू करने की घोषणा की गई है।
- निर्माण के लिए 18 लाख रुपये का बजट मंजूर हुआ है।
- इसमें 12 लाख रुपये DMFT फंड और 6 लाख रुपये विधायक निधि से मंजूर किए गए हैं।
निष्कर्ष
रामपुरा कंवरपुरा के सरकारी स्कूल को नई बिल्डिंग की मंजूरी मिलने से वहां पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने की उम्मीद है। 1 सितंबर से निर्माण शुरू होने के बाद स्कूल को स्थायी भवन उपलब्ध कराने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा। स्कूल की बदहाल स्थिति को लेकर उठे विवाद के बाद सरकार का यह फैसला स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
