बड़ी खबर: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 14 अगस्त 2026 की शाम 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और भारत की विकास यात्रा, राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक प्रगति तथा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर बात की। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का उल्लेख करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता की सराहना की और आतंकवादियों तथा उन्हें समर्थन देने वालों के लिए कड़ा संदेश दिया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत अपनी स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है। उन्होंने इस अवसर को देश की उपलब्धियों पर विचार करने और भविष्य के लक्ष्यों को लेकर आगे बढ़ने का अवसर बताया।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने देश की विकास यात्रा में आम नागरिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिक राष्ट्र निर्माण में लगातार योगदान दे रहे हैं और देश कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राष्ट्रपति ने भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश को विकास की गति बनाए रखते हुए हर क्षेत्र में आगे बढ़ना होगा। आर्थिक प्रगति, तकनीकी विकास और डिजिटल क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने भारतीय सशस्त्र बलों की आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सटीक कार्रवाई करने की क्षमता को प्रदर्शित किया है।
उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि आतंकवादी और उन्हें समर्थन देने वाले लोग चाहे कहीं भी छिपें, उन्हें परिणाम भुगतने होंगे। राष्ट्रपति का यह संदेश देश की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति को दर्शाता है।
राष्ट्रपति ने देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में हुई प्रगति को भी बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर में हो रहे बदलाव और वहां के लोगों की देश की सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़ती भागीदारी का उल्लेख किया।
राष्ट्रपति ने आर्थिक मोर्चे पर भी भारत की स्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक अस्थिरता के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था विकास की राह पर आगे बढ़ रही है। डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन में दुनिया में अग्रणी है।
राष्ट्रपति ने न्याय तक हर नागरिक की पहुंच सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए और प्रत्येक नागरिक को न्याय मिलने की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए।
इस वर्ष राष्ट्रपति के संबोधन से पहले स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् के साथ हुई। यह भी इस वर्ष के समारोह की प्रमुख विशेषताओं में शामिल रहा।
राष्ट्रपति का यह संबोधन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 अगस्त को लाल किले से दिए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस संबोधन से एक दिन पहले हुआ। राष्ट्रपति का राष्ट्र के नाम संबोधन स्वतंत्रता दिवस समारोह की परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
तथ्य जांच:
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 14 अगस्त 2026 को राष्ट्र को संबोधित किया।
- यह संबोधन भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर हुआ।
- राष्ट्रपति ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर दिया।
- उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया और भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता की सराहना की।
- राष्ट्रपति ने आतंकवादियों और उन्हें समर्थन देने वालों को कड़ा संदेश दिया।
- उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ भारत की प्रगति को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
- राष्ट्रपति ने बस्तर में हो रहे विकास और बदलाव का भी उल्लेख किया।
- उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास गति की चर्चा की।
- डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख किया गया।
- राष्ट्रपति ने प्रत्येक नागरिक तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
निष्कर्ष:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन देश की विकास यात्रा, राष्ट्रीय सुरक्षा और भविष्य के लक्ष्यों पर केंद्रित रहा। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई को रेखांकित किया, वहीं 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प पर भी जोर दिया। राष्ट्रपति ने देशवासियों से राष्ट्र निर्माण में निरंतर योगदान देने का आह्वान किया।
