बड़ी खबर: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन में शामिल महिला प्रदर्शनकारियों के घरों पर गुंडे भेजे गए, उन्हें धमकाया गया और एक 15 वर्षीय छात्रा से माफी भी मंगवाई गई। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने के लिए डर और दबाव की राजनीति कर रही है।
राहुल गांधी ने छात्र प्रदर्शनकारियों के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि उन्होंने कई छात्रों से मुलाकात की, जिन्होंने कथित तौर पर मारपीट, धमकी और दबाव की बातें बताईं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है और छात्रों को इसके लिए डराया नहीं जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कुछ महिला प्रदर्शनकारियों के परिवारों पर भी दबाव बनाया गया और उनके घरों पर लोगों को भेजकर उन्हें विरोध से पीछे हटने के लिए मजबूर करने की कोशिश की गई। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। वहीं, सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
तथ्य जांच:
- राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला प्रदर्शनकारियों के घरों पर गुंडे भेजे जाने का आरोप लगाया।
- उन्होंने दावा किया कि एक 15 वर्षीय छात्रा से माफी मंगवाई गई।
- राहुल गांधी ने छात्रों के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया।
- सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।
निष्कर्ष:
राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद छात्र आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। अब इस मामले में सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।
