झारखंड में छात्र आंदोलन तेज, सभी जिलों में CM हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतले फूंकने का ऐलान

NRC News Hindi: झारखंड में छात्र आंदोलन तेज, सभी जिलों में CM हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतले फूंकने का ऐलान

बड़ी खबर: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। JPSC-JSSC Reforms Manch से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले सभी 24 जिलों में जलाने का ऐलान किया। प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि सरकार उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।

दिनांक: 21 अगस्त 2026
स्थान: रांची, झारखंड

JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड में छात्रों का आंदोलन कई दिनों से जारी है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में विवादित भर्ती परीक्षाओं और परिणामों की समीक्षा, कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता शामिल है।

प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया। इसी नाराजगी के चलते आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया गया। छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के खिलाफ भी प्रदर्शन करने की घोषणा की।

24 जिलों में प्रदर्शन की तैयारी

छात्र संगठनों की ओर से राज्य के सभी 24 जिलों में पुतला दहन कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार से भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

छात्र नेताओं ने इससे पहले मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की भी चेतावनी दी थी। उन्होंने सरकार को अपनी मांगों पर कार्रवाई के लिए समय दिया था और कहा था कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।

भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप

JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं और परिणामों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।

इसी आंदोलन के बीच झारखंड सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला भी लिया था। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार की बात कही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों को भरोसा दिलाया था कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा और योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

आंदोलन के बीच हाईकोर्ट का भी आया फैसला

भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद के बीच झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार के कुछ भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर अंतरिम राहत दी है। इससे उन अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जिनकी नियुक्तियां सरकार के फैसले से प्रभावित हुई थीं।

छात्र आंदोलन और अदालत में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण झारखंड में भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा लगातार राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय बना हुआ है।

तथ्य जांच:

  • झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है।
  • प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतले जलाने का ऐलान किया था।
  • पुतला दहन कार्यक्रम राज्य के सभी 24 जिलों में करने की घोषणा की गई।
  • छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
  • प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई है।
  • आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री आवास के घेराव की भी चेतावनी दी गई थी।
  • सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है।
  • झारखंड हाईकोर्ट ने कुछ रद्द की गई परीक्षाओं और नियुक्तियों के मामलों में अंतरिम राहत दी है।

निष्कर्ष

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन अब राजनीतिक विरोध का रूप भी ले रहा है। पुतला दहन और मुख्यमंत्री आवास के घेराव की चेतावनी से साफ है कि प्रदर्शनकारी सरकार पर अपनी मांगों को लेकर दबाव बढ़ाना चाहते हैं। वहीं सरकार की ओर से परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता का भरोसा दिया गया है। अब छात्रों की मांगों और अदालत में चल रही सुनवाई के बीच सरकार के अगले कदम पर नजर रहेगी।

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