सीकर में PGDCA परीक्षा में सामूहिक नकल पकड़ी गई, परीक्षा निरस्त; केंद्र पर कार्रवाई शुरू

NRC News Hindi: सीकर में PGDCA परीक्षा में सामूहिक नकल पकड़ी गई, परीक्षा निरस्त; केंद्र पर कार्रवाई शुरू

बड़ी खबर: राजस्थान के सीकर स्थित विश्वभारती कॉलेज में 11 अगस्त 2026 को PGDCA परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल का मामला सामने आया। जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय की विजिलेंस टीम ने आकस्मिक निरीक्षण किया तो परीक्षा केंद्र के तीन कमरों में 72 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे थे। जांच के दौरान कई विद्यार्थी समूह में बैठकर एक-दूसरे की उत्तर पुस्तिकाओं से नकल करते मिले। टीम ने करीब 20 विद्यार्थियों से नकल में इस्तेमाल की गई सामग्री जब्त की, जिसके बाद संबंधित परीक्षा को निरस्त कर दिया गया।

दिनांक: 13 अगस्त 2026
स्थान: सीकर, राजस्थान

विश्वविद्यालय की विजिलेंस टीम ने मंगलवार को विश्वभारती कॉलेज में चल रही PGDCA यानी पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशंस की परीक्षा का अचानक निरीक्षण किया। टीम में शास्त्री कोसलेंद्रदास और डॉ. देवेंद्र कुमार शामिल थे। निरीक्षण के दौरान परीक्षा केंद्र के तीन कमरों में कुल 72 परीक्षार्थी मौजूद थे।

जांच के दौरान कई विद्यार्थियों के समूह में बैठकर एक-दूसरे की उत्तर पुस्तिकाओं से नकल करने की बात सामने आई। विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए लगभग 20 छात्रों से नकल में इस्तेमाल की जा रही सामग्री जब्त की। टीम ने मौके से वीडियो और वॉइस रिकॉर्डिंग समेत अन्य साक्ष्य भी जुटाए और इन्हें विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग को सौंप दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित परीक्षा केंद्र पर आयोजित PGDCA परीक्षा को निरस्त कर दिया। कुलपति प्रो. मदनमोहन झा के निर्देश पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. शंभुकुमार झा ने परीक्षा रद्द करने की कार्रवाई की। वहीं दूसरी पारी की परीक्षा विश्वविद्यालय के उड़नदस्ते की निगरानी में कराई गई।

विश्वविद्यालय ने संबंधित परीक्षा केंद्र के खिलाफ निलंबन और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक विजिलेंस टीम की रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

खास बात यह है कि पांच दिनों के भीतर सामूहिक नकल का यह दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले 7 अगस्त 2026 को लालसोट के एमडी पीजी कॉलेज में भी PGDCA परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल पकड़ी गई थी। उस मामले में भी विश्वविद्यालय के उड़नदस्ते ने कार्रवाई करते हुए परीक्षा निरस्त कर दी थी।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मदनमोहन झा ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के साथ परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता से समझौता नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले परीक्षा केंद्रों तथा संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

तथ्य जांच:

  • सीकर के विश्वभारती कॉलेज में PGDCA परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल पकड़ी गई।
  • घटना 11 अगस्त 2026 की है।
  • परीक्षा केंद्र के तीन कमरों में कुल 72 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे थे।
  • करीब 20 विद्यार्थियों से नकल सामग्री जब्त की गई।
  • विजिलेंस टीम ने वीडियो और वॉइस रिकॉर्डिंग समेत अन्य साक्ष्य जुटाए।
  • संबंधित PGDCA परीक्षा को निरस्त कर दिया गया।
  • दूसरी पारी की परीक्षा उड़नदस्ते की निगरानी में कराई गई।
  • परीक्षा केंद्र के खिलाफ निलंबन और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
  • पांच दिनों के भीतर यह सामूहिक नकल का दूसरा मामला बताया गया है।
  • इससे पहले 7 अगस्त को लालसोट के एमडी पीजी कॉलेज में भी PGDCA परीक्षा निरस्त की गई थी।

निष्कर्ष

सीकर के विश्वभारती कॉलेज में PGDCA परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल पकड़े जाने के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा निरस्त कर दी है और संबंधित केंद्र के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। करीब 20 विद्यार्थियों से नकल सामग्री जब्त होने के साथ वीडियो और अन्य साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। पांच दिनों के भीतर सामने आए दूसरे मामले के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा व्यवस्था की निगरानी और सख्त कार्रवाई का संकेत दिया है।

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