मस्जिदों के लाउडस्पीकर पर PIL खारिज होने के बाद शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान, बोले- सांप्रदायिक आग भड़काने की कोशिश नाकाम

NRC News Hindi: मस्जिदों के लाउडस्पीकर पर PIL खारिज होने के बाद शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान, बोले- सांप्रदायिक आग भड़काने की कोशिश नाकाम

बड़ी खबर: पश्चिम बंगाल में मस्जिदों और पूजा स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) खारिज होने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक आग भड़काने की नापाक कोशिश एक बार फिर नाकाम हो गई है। शुभेंदु अधिकारी ने 19 अगस्त को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कलकत्ता हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले पर प्रतिक्रिया दी।

दिनांक: 20 अगस्त 2026
स्थान: कोलकाता, पश्चिम बंगाल

मामला पश्चिम बंगाल में मस्जिदों और अन्य पूजा स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने को लेकर दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि पुलिस की ओर से कई धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने के निर्देश दिए गए और इस दौरान कथित तौर पर ज्यादती की गई।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि धार्मिक स्थलों से जबरदस्ती लाउडस्पीकर हटाने और पुलिस की ज्यादती का आरोप लगाते हुए दायर की गई PIL को कलकत्ता हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश बताया।

इस मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा था कि क्या राज्य में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के संबंध में कोई कार्रवाई की गई है। अदालत ने पुलिस द्वारा धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने के कथित निर्देशों को लेकर सरकार से जवाब मांगा था।

लाउडस्पीकर विवाद पर क्या है मामला?

यह मामला उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें कहा गया था कि पुलिस ने राज्य में कई धार्मिक स्थलों को लाउडस्पीकर हटाने के लिए निर्देश दिए। इसी के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी।

मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है। शुभेंदु अधिकारी ने अदालत के फैसले को अपनी बात के समर्थन में बताया और आरोप लगाया कि इस मुद्दे के जरिए राज्य में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश की जा रही थी।

वहीं, TMC नेता फिरहाद हकीम की ओर से भी इस मामले पर प्रतिक्रिया सामने आई है। लाउडस्पीकर और धार्मिक स्थलों से जुड़े इस विवाद को लेकर राज्य की राजनीति में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है।

कलकत्ता हाई कोर्ट की कार्यवाही के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से कथित लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। इस पूरे मामले में अदालत की प्रक्रिया और संबंधित पक्षों के जवाब पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी।

तथ्य जांच:

  • मामला पश्चिम बंगाल में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने को लेकर दायर PIL से जुड़ा है।
  • शुभेंदु अधिकारी ने 19 अगस्त को सोशल मीडिया के जरिए इस मामले पर प्रतिक्रिया दी।
  • उन्होंने PIL को सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश बताया।
  • मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के समक्ष सुनवाई हुई।
  • अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार से लाउडस्पीकर हटाने की कथित कार्रवाई को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था।
  • मामले को लेकर शुभेंदु अधिकारी और TMC नेता फिरहाद हकीम की प्रतिक्रियाओं के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है।

निष्कर्ष

पश्चिम बंगाल में धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। PIL और उस पर हुई न्यायिक कार्यवाही के बाद शुभेंदु अधिकारी ने इसे सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश बताया है, जबकि TMC की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। मामले में अदालत की कार्यवाही और राज्य सरकार के रुख पर आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी।

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