बड़ी खबर: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और विदेशी नेताओं के साथ उनकी मुलाकातों को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी पर पलटवार किया है। रिजिजू ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को संसद के भीतर अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाने की कोशिश करने और इससे भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और विदेशी नेताओं के साथ उनकी मुलाकातों को लेकर टिप्पणी की थी। उनकी टिप्पणी को प्रधानमंत्री की कूटनीतिक शैली पर तंज के तौर पर देखा गया। यह बयान 13 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान सामने आया था।
इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इससे उनकी अपनी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता का पद महत्वपूर्ण है और उस पद पर रहते हुए संसद में जिम्मेदारी और मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
रिजिजू ने संसद में विपक्ष के कामकाज के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद कई बार चर्चा में हिस्सा लेने के बजाय नारेबाजी और हंगामे का रास्ता अपनाते हैं। उनके मुताबिक, विपक्ष की जिम्मेदारी केवल सरकार की आलोचना करना नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर और व्यवस्थित चर्चा में भाग लेना भी है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी के साथ उनकी कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं है और दोनों के बीच बातचीत भी होती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता के पद के साथ एक विशेष जिम्मेदारी जुड़ी हुई है और राहुल गांधी के व्यवहार का प्रभाव कांग्रेस के दूसरे सांसदों पर भी पड़ सकता है।
रिजिजू ने यह भी कहा कि अगर विपक्ष का नेतृत्व लगातार हंगामे और नारेबाजी का रास्ता अपनाता है तो दूसरे सांसद भी उसी तरीके को अपना सकते हैं। उन्होंने विपक्ष से सदन के नियमों का पालन करने और मुद्दों पर रचनात्मक बहस करने की अपील की।
राहुल गांधी और केंद्र सरकार के बीच विदेश नीति को लेकर यह राजनीतिक टकराव ऐसे समय सामने आया है जब संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस चल रही है। विदेश नीति और प्रधानमंत्री की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार विपक्ष से संसद में व्यवस्थित चर्चा की अपेक्षा कर रही है।
तथ्य जांच:
- किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी की प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति संबंधी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है।
- रिजिजू ने राहुल गांधी से विपक्ष के नेता के पद की गरिमा बनाए रखने की बात कही है।
- उन्होंने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
- रिजिजू ने कहा कि ऐसी टिप्पणियों से राहुल गांधी की अपनी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा।
- उन्होंने संसद में विपक्ष की नारेबाजी और हंगामे पर भी सवाल उठाए।
- राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेशी नेताओं के साथ मुलाकातों और विदेश नीति की शैली पर टिप्पणी की थी।
- यह विवाद 13 अगस्त 2026 को कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद सामने आया।
- रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी के साथ उनकी कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं है।
- उन्होंने विपक्ष से संसद में गंभीर और रचनात्मक चर्चा करने की अपील की।
- विदेश नीति को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
निष्कर्ष:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार किया है। रिजिजू ने राहुल गांधी से विपक्ष के नेता के पद की गरिमा बनाए रखने की अपील करते हुए उन पर प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाने और संसद में हंगामे की राजनीति करने का आरोप लगाया। इस बयान के बाद विदेश नीति और संसद में विपक्ष की भूमिका को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
