लखनऊ में UGC के खिलाफ सवर्ण समाज का प्रदर्शन, जमकर की नारेबाजी

NRC News Hindi: लखनऊ में UGC के खिलाफ सवर्ण समाज का प्रदर्शन, जमकर की नारेबाजी

बड़ी खबर: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को UGC के खिलाफ सवर्ण समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी 1090 चौराहे पर एकत्र हुए और UGC से जुड़े कानून को वापस लेने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘संवैधानिक अछूत’ लिखी तख्तियां थीं।

दिनांक: 23 अगस्त 2026
स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश

प्रदर्शनकारी 1090 चौराहे से मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने के लिए निकले। करीब आधे घंटे तक चौराहे पर प्रदर्शन करने के बाद जब उन्होंने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने बालू अड्डा चौराहे के पास भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मौके पर जमकर नारेबाजी की।

सवर्ण सांसदों और विधायकों की सांकेतिक अर्थी लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारियों ने सवर्ण सांसदों और विधायकों की सांकेतिक अर्थी भी अपने साथ रखी थी। इस दौरान उन्होंने सरकार और अपने नेताओं के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने ‘मुर्दा है भाई, मुर्दा है’ और ‘नेता हमारा मुर्दा है’ जैसे नारे लगाए।

सवर्ण मोर्चा के अध्यक्ष संदीप सिंह ने कहा कि सत्ता में बैठे सवर्ण समाज के नेताओं से लगातार सवाल किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि UGC से जुड़े कानून का विरोध जारी रहेगा और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

UGC कानून को बताया ‘काला कानून’

प्रदर्शन में शामिल राहुल सिंह चौहान ने सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून समाज के हितों के खिलाफ है और इसे किसी काले कानून से कम नहीं बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ भी नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ भी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 2029 के लोकसभा चुनाव में समाज अपनी ताकत दिखाएगा।

लखनऊ में हुआ यह प्रदर्शन UGC से जुड़े नियमों और उनके प्रभाव को लेकर चल रहे व्यापक विवाद के बीच हुआ है। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में UGC के नए नियमों को लेकर विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका

प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बालू अड्डा चौराहे के पास रोक दिया। इसके बाद मौके पर ही प्रदर्शन और नारेबाजी जारी रही। खबर के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक हुई, लेकिन आगे की स्थिति को लेकर कोई बड़ी हिंसक घटना रिपोर्ट में नहीं बताई गई है।

तथ्य जांच:

  • लखनऊ में 23 अगस्त 2026 को UGC के खिलाफ प्रदर्शन हुआ।
  • प्रदर्शन में सवर्ण समाज से जुड़े लोग शामिल हुए।
  • प्रदर्शनकारी 1090 चौराहे पर एकत्र हुए थे।
  • प्रदर्शनकारियों ने UGC से जुड़े कानून को वापस लेने की मांग की।
  • प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘संवैधानिक अछूत’ लिखी तख्तियां थीं।
  • प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे।
  • पुलिस ने बालू अड्डा चौराहे के पास उन्हें रोक दिया।
  • प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई।
  • प्रदर्शनकारियों ने सवर्ण सांसदों और विधायकों की सांकेतिक अर्थी भी निकाली।
  • प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ भी नारे लगाए।

निष्कर्ष

लखनऊ में UGC के खिलाफ सवर्ण समाज का प्रदर्शन अब सरकार के खिलाफ राजनीतिक विरोध का रूप लेता दिखाई दे रहा है। प्रदर्शनकारियों ने UGC से जुड़े कानून को वापस लेने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

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