दिल्ली फायर सर्विस को सुबह करीब 9:45 बजे आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही कई दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं और बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोग इमारत के अंदर फंस गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इमारत में धुएं का गुबार भर गया था और कई लोग खिड़कियों से मदद की गुहार लगा रहे थे। कुछ लोगों को जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से कूदना पड़ा। स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दे और अन्य सामान लगाकर कई लोगों की जान बचाने में मदद की।
अधिकारियों के मुताबिक मृतकों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि होटल में ठहरे कई विदेशी नागरिक दिल्ली के अस्पतालों में इलाज कराने आए मेडिकल टूरिस्ट थे। हादसे के समय होटल में बड़ी संख्या में मेहमान मौजूद थे।
बचाव अभियान के दौरान 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। कई घायलों का इलाज जारी है और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। दमकल कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग रेस्टोरेंट के हिस्से से शुरू हुई थी। हालांकि आग लगने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस और अग्निशमन विभाग संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। दिल्ली प्रशासन ने भी घटना की जांच के आदेश दिए हैं और राहत कार्यों की निगरानी की जा रही है।
तथ्य जांच:
- मालवीय नगर में आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई है
- 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
- कई विदेशी नागरिक भी हादसे का शिकार हुए हैं
- आग रेस्टोरेंट वाले हिस्से से शुरू होने की आशंका है
- आग लगने के कारणों की जांच जारी है
निष्कर्ष: दिल्ली के मालवीय नगर में हुआ यह अग्निकांड हाल के वर्षों की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बन गया है। बड़ी संख्या में लोगों की मौत ने एक बार फिर व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ सकेगी।
