बड़ी खबर: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और भाजपा नेता नाजिया इलाही खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हरियाणा के पानीपत में दायर एक याचिका पर अदालत ने संज्ञान लेते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है। मामला एक पॉडकास्ट और सोशल मीडिया पर की गई कथित विवादित टिप्पणियों से जुड़ा है।
याचिका मुस्लिम लीगल ऐड ट्रस्ट और मुस्लिम समुदाय के कुछ प्रतिनिधियों की ओर से दायर की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक पॉडकास्ट के दौरान नाजिया इलाही खान ने इस्लाम, मुस्लिम समाज, मुस्लिम महिलाओं तथा पैगंबर हजरत मोहम्मद और हजरत आयशा से जुड़े विषयों पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
अदालत ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए नाजिया इलाही खान को नोटिस जारी किया है और 27 जुलाई 2026 को अदालत में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी।
मुस्लिम लीगल ऐड ट्रस्ट के चेयरमैन एवं अधिवक्ता मोमिन मलिक ने कहा कि संस्था ने संबंधित वीडियो और अन्य दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए हैं। उनका कहना है कि याचिका का उद्देश्य समुदाय के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा करना है।
फिलहाल इस मामले में नाजिया इलाही खान का विस्तृत पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
तथ्य जांच:
- पानीपत कोर्ट ने नाजिया इलाही खान के खिलाफ दायर याचिका पर संज्ञान लिया है।
- अदालत ने उन्हें नोटिस जारी कर 27 जुलाई 2026 को पेश होने के निर्देश दिए हैं।
- याचिका में पॉडकास्ट के दौरान कथित विवादित टिप्पणियों का आरोप लगाया गया है।
- शिकायत मुस्लिम लीगल ऐड ट्रस्ट और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों की ओर से दायर की गई है।
- आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
निष्कर्ष:
पानीपत कोर्ट द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद यह मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा। फिलहाल अदालत ने केवल नोटिस जारी किया है। आरोपों की सत्यता का निर्णय दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत द्वारा किया जाएगा।
