नागपुर के छात्र को NEET री-एग्जाम के लिए मिला अबू धाबी सेंटर, राहुल गांधी ने उठाए सवाल

NRC News Hindi: नागपुर के छात्र को NEET री-एग्जाम के लिए मिला अबू धाबी सेंटर, राहुल गांधी ने उठाए सवाल

बड़ी खबर: NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के नागपुर के एक छात्र को परीक्षा केंद्र भारत के बजाय अबू धाबी (UAE) आवंटित कर दिया गया। इस घटना पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

दिनांक: 20 जून 2026
स्थान: नागपुर, महाराष्ट्र

जानकारी के अनुसार, नागपुर निवासी छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब ने जब अपना री-NEET एडमिट कार्ड डाउनलोड किया तो उसमें परीक्षा केंद्र अबू धाबी दर्शाया गया। छात्र ने आवेदन के दौरान नागपुर और आसपास के भारतीय शहरों को प्राथमिकता दी थी।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्र के पास पासपोर्ट तक नहीं है और उसके परिवार के पास विदेश भेजने के लिए पर्याप्त संसाधन भी नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी गलती आखिर कैसे हो सकती है और कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद छात्र और उसका परिवार काफी तनाव में आ गया। परिवार का कहना है कि परीक्षा से ठीक पहले हुई इस गलती ने छात्र को मानसिक रूप से परेशान कर दिया।

वहीं, National Testing Agency (NTA) ने मामले को तकनीकी त्रुटि बताया है। एजेंसी ने आश्वासन दिया कि शिकायत का समाधान किया जा रहा है और सत्यापन के बाद छात्र को नागपुर में नया परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब 21 जून को होने वाले NEET-UG 2026 री-एग्जाम को लेकर NTA देशभर में विशेष तैयारियां और सुरक्षा इंतजाम कर रही है।

तथ्य जांच:

  • नागपुर के एक छात्र को NEET री-एग्जाम के लिए अबू धाबी परीक्षा केंद्र आवंटित हुआ।
  • छात्र के पास पासपोर्ट नहीं था और परिवार विदेश भेजने में सक्षम नहीं था।
  • राहुल गांधी ने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
  • NTA ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताया है।
  • एजेंसी ने नया परीक्षा केंद्र आवंटित करने का आश्वासन दिया है।

निष्कर्ष:

नागपुर के छात्र को अबू धाबी परीक्षा केंद्र आवंटित होने का मामला NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले NTA की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि एजेंसी ने गलती स्वीकार करते हुए सुधार का भरोसा दिया है, लेकिन इस घटना ने छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को एक बार फिर सामने ला दिया है।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने