CJP का सरकार पर वादा तोड़ने का आरोप, आशुतोष रांका बोले- बिहार और बंगाल में FIR-गिरफ्तारियां क्यों?

NRC News Hindi: CJP का सरकार पर वादा तोड़ने का आरोप, आशुतोष रांका बोले- बिहार और बंगाल में FIR-गिरफ्तारियां क्यों?

बड़ी खबर: जंतर-मंतर आंदोलन समाप्त होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि आंदोलन समाप्त कराने के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद बिहार और पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज की जा रही हैं और गिरफ्तारियां हो रही हैं। उन्होंने इसे सरकार द्वारा वादा तोड़ना बताया।

दिनांक: 28 जुलाई 2026
स्थान: नई दिल्ली

आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को टैग करते हुए कहा कि सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया था। उनका आरोप है कि अब विभिन्न राज्यों में उसी आश्वासन का उल्लंघन किया जा रहा है।

CJP ने विशेष रूप से बिहार और पश्चिम बंगाल में दर्ज FIR और गिरफ्तारियों पर आपत्ति जताते हुए मांग की कि सभी मामलों की समीक्षा की जाए और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

रांका ने चेतावनी दी कि यदि सरकार अपने आश्वासन का पालन नहीं करती और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई जारी रहती है, तो CJP दोबारा आंदोलन शुरू करने पर विचार करेगा। संगठन ने कहा कि छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है।

सरकार की ओर से इस आरोप पर तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस बीच छात्र आंदोलन और उससे जुड़े मामलों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है।

तथ्य जांच:

  • CJP ने सरकार पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का वादा तोड़ने का आरोप लगाया।
  • आशुतोष रांका ने बिहार और पश्चिम बंगाल में FIR एवं गिरफ्तारियों का मुद्दा उठाया।
  • CJP ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की।
  • संगठन ने मांगें पूरी न होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी।

निष्कर्ष:

जंतर-मंतर आंदोलन समाप्त होने के बाद भी छात्र आंदोलन से जुड़ा विवाद थमता नहीं दिख रहा है। CJP ने सरकार पर अपने आश्वासन से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की है। यदि इस पर समाधान नहीं निकला, तो संगठन ने एक बार फिर आंदोलन का संकेत दिया है।

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