धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP का नया कदम, उत्तर प्रदेश में खोला नया मोर्चा

NRC News Hindi: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP का नया कदम, उत्तर प्रदेश में खोला नया मोर्चा

बड़ी खबर: NEET पेपर लीक आंदोलन के बाद पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पश्चात कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अब उत्तर प्रदेश में नया मोर्चा खोल दिया है। CJP ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि शिक्षा संस्थानों को बचाना देश के भविष्य के लिए आवश्यक है। संगठन ने उत्तर प्रदेश सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और आदेश वापस लेने की मांग की है।

दिनांक: 28 जुलाई 2026
स्थान: रामपुर / नई दिल्ली

CJP की ओर से जारी बयान में कहा गया कि देश में पहले से ही कई स्कूल बंद होने की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे समय में किसी विश्वविद्यालय को गिराने का फैसला शिक्षा व्यवस्था के लिए नुकसानदायक होगा। संगठन का कहना है कि सरकार को छात्रों और शिक्षा संस्थानों के हित को प्राथमिकता देनी चाहिए।

CJP ने सोशल मीडिया के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की कि जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े फैसले पर दोबारा विचार किया जाए। संगठन का मानना है कि शिक्षा संस्थानों को संरक्षित रखना किसी भी लोकतांत्रिक समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस मामले में संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि रामपुर विकास प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय परिसर की 40 में से 38 इमारतों को अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि निर्माण नियमों का उल्लंघन हुआ है, जबकि समाजवादी पार्टी और कई विपक्षी दल इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने संकेत दिया है कि उसका अभियान केवल परीक्षा सुधार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा और छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी संगठन अपनी आवाज बुलंद करेगा। हाल के दिनों में CJP ने भविष्य की रणनीति जल्द घोषित करने की भी बात कही है।

तथ्य जांच:

  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने उत्तर प्रदेश में नया मोर्चा खोला।
  • संगठन ने जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित कार्रवाई का विरोध किया।
  • CJP ने उत्तर प्रदेश सरकार से आदेश वापस लेने की मांग की।
  • रामपुर विकास प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय की 38 इमारतों पर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है।

निष्कर्ष:

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने अपने आंदोलन का दायरा बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश में जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। संगठन का कहना है कि शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा और छात्रों के हित उसके अगले अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे, जबकि इस मामले पर प्रदेश की राजनीति भी लगातार गर्माती जा रही है।

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