बड़ी खबर: दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन लगातार जारी है। इस बीच पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो वह खुद भी आंदोलन में शामिल होंगी। उन्होंने छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।
ममता बनर्जी ने कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज को बलपूर्वक दबाया नहीं जा सकता। उनका कहना है कि यदि केंद्र सरकार आंदोलनकारियों की बात नहीं सुनती, तो तृणमूल कांग्रेस भी उनके समर्थन में सड़क पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने सभी लोकतांत्रिक दलों से छात्रों के मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की।
जंतर-मंतर पर CJP का धरना लगातार जारी है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि जब तक NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय नहीं होती, शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सोनम वांगचुक भी आंदोलन के समर्थन में अनशन पर हैं।
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी है। पुलिस का कहना है कि संसद क्षेत्र और संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। वहीं आंदोलनकारी लगातार आरोप लगा रहे हैं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद उनके साथ सख्ती की गई। दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं और मामले की जांच जारी है।
CJP आंदोलन अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। कई राज्यों में भी इसके समर्थन में प्रदर्शन और सभाएं आयोजित की जा रही हैं। विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं।
तथ्य जांच:
- ममता बनर्जी ने जरूरत पड़ने पर CJP आंदोलन में शामिल होने की बात कही।
- जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी है।
- अभिजीत दीपके ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
- दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से कड़े इंतजाम किए हैं।
निष्कर्ष:
ममता बनर्जी के खुले समर्थन के बाद CJP आंदोलन को विपक्ष का और अधिक राजनीतिक समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता जारी है, लेकिन फिलहाल गतिरोध खत्म होता नजर नहीं आ रहा।
