बड़ी खबर: दिल्ली के जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पेलेट गन इस्तेमाल से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बीच प्रदर्शनकारी शेख इरशाद मंसूरी की मेडिको-लीगल केस (MLC) रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, सर्जरी के दौरान उनके सिर, गर्दन, चेहरे, कंधे और आंख के आसपास से कई धातु के विदेशी कण (Metallic Foreign Bodies) निकाले गए।
रिपोर्ट के अनुसार, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में 21 जुलाई को ऑपरेशन के दौरान विभिन्न स्थानों से छोटे-छोटे धातु के कण निकाले गए। आंख से निकाली गई एक धातु की वस्तु का आकार लगभग 3×3 मिमी बताया गया है, जबकि अन्य कण लगभग 2 मिमी आकार के थे।
शेख इरशाद मंसूरी का कहना है कि उनके शरीर से कुल सात धातु के कण निकाले गए, जबकि कुछ कण अभी भी शरीर में मौजूद हैं। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल उन्हें निकालने से अधिक जोखिम हो सकता है, इसलिए उन्हें वहीं रहने दिया गया है।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जहां याचिकाकर्ताओं ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पेलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने और मामले की जांच की मांग की है। अदालत में अभी इस मामले पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
तथ्य जांच:
- MLC रिपोर्ट में शेख इरशाद मंसूरी के शरीर से कई धातु के विदेशी कण निकाले जाने का उल्लेख है।
- ऑपरेशन लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में किया गया।
- मामला वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है।
- पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है, अंतिम निष्कर्ष अभी नहीं आया है।
निष्कर्ष:
सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच सामने आई MLC रिपोर्ट ने मामले को नया आयाम दिया है। हालांकि, पेलेट गन के इस्तेमाल और उससे जुड़े दावों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
