बड़ी खबर: सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) पर जवाब मांगा है। अदालत ने कहा कि पेलेट गन के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाना फिलहाल संभव नहीं है, लेकिन इसके उपयोग के लिए स्पष्ट और पारदर्शी दिशा-निर्देश आवश्यक हैं।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने अदालत को बताया कि प्रदर्शन के दौरान रबर नहीं बल्कि धातु (मेटल) के पेलेट का इस्तेमाल किया गया था और ऐसे हथियारों के प्रयोग पर रोक लगाई जानी चाहिए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि मौजूदा नियमों को चुनौती देनी है तो उसके लिए उपयुक्त याचिका दाखिल करनी होगी।
मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने कहा कि सुरक्षा बलों को असाधारण परिस्थितियों में पेलेट गन के इस्तेमाल की अनुमति देने वाले नियम मौजूद हैं। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि भीड़ में कई बार उपद्रवी तत्व भी शामिल हो जाते हैं, इसलिए सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर निर्णय लेना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर SOP पर जवाब तलब किया है। साथ ही मामले की सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की विस्तृत सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
तथ्य जांच:
- सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पेलेट गन के इस्तेमाल पर SOP को लेकर जवाब मांगा है।
- अदालत ने संकेत दिया कि पेलेट गन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश फिलहाल नहीं दिया जा सकता।
- याचिकाकर्ताओं ने धातु के पेलेट के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है।
- मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जारी है और अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है।
निष्कर्ष:
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की परिस्थितियों को देखते हुए पेलेट गन पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध का आदेश नहीं दिया जा सकता। हालांकि, अदालत ने इसके इस्तेमाल के लिए स्पष्ट SOP और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है।
