बड़ी खबर: राजस्थान के डूंगरपुर में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के बैनर तले छात्रों ने NTA और कथित परीक्षा पेपर लीक मामलों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग उठाई। यह विरोध हाल के दिनों में देशभर में परीक्षा पारदर्शिता को लेकर बढ़ रहे छात्र आंदोलनों का हिस्सा माना जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान SFI कार्यकर्ताओं और छात्रों ने रैली निकालकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
छात्र नेताओं ने कहा कि देशभर के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता चाहते हैं। उनका कहना था कि जब तक परीक्षा प्रणाली में सुधार नहीं होगा और जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, तब तक छात्र संगठन अपना आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई।
हाल के दिनों में राजस्थान के सीकर सहित कई जिलों में भी छात्र संगठनों ने मशाल जुलूस और विरोध प्रदर्शन किए हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि परीक्षा घोटालों पर सख्त कार्रवाई और NTA में सुधार की आवश्यकता है ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं पर छात्रों का भरोसा फिर से कायम हो सके।
तथ्य जांच:
- डूंगरपुर में SFI ने NTA और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- प्रदर्शन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई।
- छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की मांग की।
- राजस्थान के अन्य हिस्सों में भी इसी मुद्दे पर छात्र आंदोलन जारी हैं।
निष्कर्ष:
राजस्थान में परीक्षा पारदर्शिता और पेपर लीक के मुद्दे पर छात्र आंदोलन लगातार तेज हो रहे हैं। डूंगरपुर में SFI के प्रदर्शन ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग को प्रमुखता से सामने ला दिया है।
