बड़ी खबर: राजस्थान के सिरोही में हर घर तिरंगा अभियान के तहत बीजेपी की ओर से निकाली गई तिरंगा वाहन रैली के दौरान ट्रैफिक नियमों की अनदेखी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। रैली में राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, बीजेपी जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। सामने आई तस्वीरों और वीडियो को लेकर आरोप है कि कुछ बीजेपी नेता और जनप्रतिनिधि बिना हेलमेट दोपहिया वाहनों पर नजर आए।
हर घर तिरंगा अभियान के तहत निकाली गई यह वाहन रैली रामझरोखा से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए शहीद स्मारक पहुंची। यहां देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। रैली में कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारे लगाए।
रैली के दौरान सामने आई तस्वीरों और वीडियो को लेकर यातायात नियमों के पालन पर सवाल उठे। रिपोर्ट के मुताबिक सिरोही प्रधान हंसमुख कुमार बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते हुए दिखाई दिए। वहीं राज्यमंत्री ओटाराम देवासी दोपहिया वाहन पर पीछे बैठकर खड़े होकर तिरंगा लहराते नजर आए।
इस मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि आम वाहन चालकों के लिए हेलमेट और अन्य यातायात नियमों का पालन जरूरी है, तो राजनीतिक रैलियों में शामिल जनप्रतिनिधियों पर भी वही नियम लागू होते हैं या नहीं। रैली के दौरान पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ऐसी तस्वीरें सामने आने से प्रशासन की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
बीजेपी के जिला मीडिया प्रभारी रोहित खत्री के अनुसार, तिरंगा यात्रा का उद्देश्य देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देना और राष्ट्र की एकता-अखंडता के प्रति संकल्प व्यक्त करना था। राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने तिरंगे को देश की आन-बान-शान का प्रतीक बताया और कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प है।
रैली के दौरान राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में सिरोही विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 1,500 करोड़ रुपये लाए गए हैं। बीजेपी जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी ने तिरंगा यात्रा को देश के स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताया।
अब इस पूरे मामले में मुख्य सवाल यह है कि यदि तस्वीरों और वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति नियमों के उल्लंघन की पुष्टि करती है, तो क्या पुलिस या यातायात विभाग संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। फिलहाल रिपोर्ट में किसी कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है।
तथ्य जांच:
- सिरोही में हर घर तिरंगा अभियान के तहत बीजेपी ने वाहन रैली निकाली।
- रैली रामझरोखा से शुरू होकर शहीद स्मारक पहुंची।
- राज्यमंत्री ओटाराम देवासी और बीजेपी के कई पदाधिकारी रैली में शामिल हुए।
- रिपोर्ट के मुताबिक सिरोही प्रधान हंसमुख कुमार बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते नजर आए।
- राज्यमंत्री ओटाराम देवासी दोपहिया वाहन पर खड़े होकर तिरंगा लहराते दिखाई दिए।
- इन तस्वीरों और वीडियो को लेकर यातायात नियमों की अनदेखी के आरोप लगे हैं।
- रैली में वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
- रिपोर्ट में संबंधित मामले में पुलिस कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है।
- ओटाराम देवासी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा।
- बीजेपी की ओर से तिरंगा यात्रा को देशभक्ति और राष्ट्र की एकता-अखंडता से जोड़कर बताया गया।
निष्कर्ष
सिरोही की तिरंगा यात्रा में जहां बीजेपी ने देशभक्ति और शहीदों को श्रद्धांजलि देने का संदेश दिया, वहीं रैली के दौरान सामने आई तस्वीरों ने यातायात नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने और वाहन पर खड़े होकर तिरंगा लहराने के आरोपों के बीच अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस मामले में कोई कार्रवाई करता है या नहीं।
