राम मंदिर चढ़ावे के कथित गबन का मुद्दा संसद पहुंचा, KC वेणुगोपाल ने की स्वतंत्र जांच की मांग

NRC News Hindi: राम मंदिर चढ़ावे के कथित गबन का मुद्दा संसद पहुंचा, KC वेणुगोपाल ने की स्वतंत्र जांच की मांग

बड़ी खबर: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं से मिले दान और चढ़ावे में कथित वित्तीय गड़बड़ी का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। कांग्रेस सांसद और AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में इस मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट के किसी जज की निगरानी में स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

दिनांक: 10 अगस्त 2026
स्थान: नई दिल्ली, भारत

केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में राम मंदिर में देश-विदेश से श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए नकद चढ़ावे और कीमती आभूषणों में कथित वित्तीय धोखाधड़ी, चोरी और गबन के आरोपों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने और श्रद्धालुओं के चढ़ावे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है।

वेणुगोपाल ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर कथित तौर पर संगठित गड़बड़ी के आरोप भी लगाए। उनके अनुसार, सात से आठ महीने की महत्वपूर्ण CCTV फुटेज को कथित तौर पर नष्ट किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्व मुख्य लेखा अधिकारी ने 2020-21 में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए थे, लेकिन बाद में उन्हें पद से हटा दिया गया।

कांग्रेस सांसद ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित SIT और दर्ज FIR पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा जांच का दायरा निचले स्तर पर काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों तक सीमित है, जबकि कथित करोड़ों रुपये की गड़बड़ी के पीछे प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

वेणुगोपाल ने मांग की कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के किसी जज की निगरानी में उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच कराए। उनका कहना है कि जांच में प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी निष्पक्ष तरीके से पड़ताल होनी चाहिए।

राम मंदिर चढ़ावे के मामले के साथ ही वेणुगोपाल ने परिसीमन और FCRA विधेयक को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि परिसीमन के मुद्दे पर सरकार को पहले सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलानी चाहिए और व्यापक चर्चा के बाद आगे बढ़ना चाहिए।

FCRA विधेयक को लेकर वेणुगोपाल ने कांग्रेस के विरोध का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस विधेयक को संसद से पारित नहीं होने देगी और इसे संविधान विरोधी विधेयक बताया। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की ओर से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में छात्रों के खिलाफ हुई कथित ज्यादतियों पर संसद में बयान देने की मांग की गई है।

राम मंदिर चढ़ावे के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही जांच के लिए SIT गठित की है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसियां पैसों के पूरे लेन-देन तथा संभावित लाभार्थियों का पता लगाने में जुटी हैं।

तथ्य जांच:

  • केसी वेणुगोपाल ने राम मंदिर चढ़ावे के कथित गबन के मुद्दे पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।
  • उन्होंने मामले में सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग की है।
  • वेणुगोपाल ने सात से आठ महीने की CCTV फुटेज नष्ट किए जाने का आरोप लगाया है।
  • उन्होंने पूर्व मुख्य लेखा अधिकारी को हटाए जाने का भी दावा किया है।
  • उत्तर प्रदेश सरकार की SIT और FIR की जांच पर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं।
  • वेणुगोपाल ने प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच की मांग की है।
  • उन्होंने परिसीमन पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है।
  • FCRA विधेयक को लेकर कांग्रेस के विरोध की बात कही है।
  • उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार राम मंदिर चढ़ावे के मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
  • मामले की जांच में पैसों के लेन-देन और संभावित लाभार्थियों का पता लगाया जा रहा है।

निष्कर्ष

राम मंदिर चढ़ावे में कथित वित्तीय गड़बड़ी का मुद्दा अब संसद में भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में चर्चा और सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग की है। वहीं मामले की जांच पहले से SIT के स्तर पर चल रही है और अब विपक्ष इस मुद्दे को संसद में उठाकर सरकार पर दबाव बना रहा है।

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