बड़ी खबर: वॉशिंग मशीन में कपड़े धोते समय ज्यादा डिटर्जेंट डालना कई लोगों को सामान्य बात लगती है, लेकिन जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट मशीन और कपड़ों दोनों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। ज्यादा डिटर्जेंट से अत्यधिक झाग बन सकता है, जो कपड़ों के रेशों में फंसने के साथ मशीन के अंदर भी जमा हो सकता है। इससे मशीन की कार्यक्षमता प्रभावित होने और ड्रेनेज में समस्या आने की संभावना रहती है।
दरअसल, बहुत से लोगों को लगता है कि ज्यादा डिटर्जेंट इस्तेमाल करने से कपड़े ज्यादा साफ और चमकदार होंगे। लेकिन जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट का इस्तेमाल करने पर कपड़ों पर डिटर्जेंट के अवशेष रह सकते हैं। कपड़े धोने के बाद कड़क महसूस हो सकते हैं, उन पर सफेद निशान दिखाई दे सकते हैं और उनमें अजीब गंध भी आ सकती है।
ज्यादा डिटर्जेंट से बनने वाला अतिरिक्त झाग कई बार कपड़ों से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाता। इसके अलावा डिटर्जेंट धीरे-धीरे वॉशिंग मशीन के ड्रम, पाइप, फिल्टर और दूसरे हिस्सों में जमा हो सकता है। इससे पानी की निकासी प्रभावित हो सकती है और मशीन को सामान्य तरीके से काम करने में परेशानी आ सकती है।
लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट इस्तेमाल करने पर मशीन के अंदर अवशेष जमा होने लगते हैं। इससे ड्रेनेज सिस्टम जाम होने, अत्यधिक झाग बनने और मशीन की धुलाई क्षमता प्रभावित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मशीन के अंदर नमी के साथ फफूंद, काई और बैक्टीरिया भी पनप सकते हैं, खासकर रबर गैसकेट के आसपास। इससे मशीन से बदबू आने की समस्या भी हो सकती है।
वॉशिंग मशीन में डिटर्जेंट की सही मात्रा हर स्थिति में एक जैसी नहीं होती। यह मशीन के प्रकार, कपड़ों की मात्रा, पानी और कपड़ों की गंदगी पर निर्भर करती है। फ्रंट-लोड मशीनें कम पानी इस्तेमाल करती हैं, इसलिए इनमें आमतौर पर कम डिटर्जेंट की जरूरत होती है। वहीं टॉप-लोड मशीनों में पानी की मात्रा अलग होने के कारण डिटर्जेंट की जरूरत भी अलग हो सकती है।
बहुत गंदे कपड़ों के मामले में भी केवल डिटर्जेंट की मात्रा बढ़ाना जरूरी नहीं है। कपड़ों को कुछ समय के लिए सादे पानी में भिगोने से कम डिटर्जेंट में भी बेहतर सफाई मिल सकती है। इसलिए डिटर्जेंट की मात्रा तय करते समय मशीन के प्रकार और कपड़ों की मात्रा को ध्यान में रखना जरूरी है।
तथ्य जांच:
- जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट डालने से वॉशिंग मशीन में अत्यधिक झाग बन सकता है।
- ज्यादा झाग कपड़ों के रेशों में फंस सकता है।
- कपड़ों पर डिटर्जेंट के अवशेष और सफेद निशान रह सकते हैं।
- डिटर्जेंट मशीन के ड्रम, पाइप और फिल्टर में जमा हो सकता है।
- अतिरिक्त डिटर्जेंट से पानी की निकासी प्रभावित हो सकती है।
- लंबे समय तक अधिक डिटर्जेंट इस्तेमाल करने से मशीन की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
- मशीन के अंदर नमी के साथ फफूंद और बैक्टीरिया पनपने की संभावना रहती है।
- फ्रंट-लोड मशीनों में आमतौर पर कम डिटर्जेंट की जरूरत होती है।
- सही मात्रा मशीन के प्रकार, कपड़ों की मात्रा, पानी और कपड़ों की गंदगी पर निर्भर करती है।
- ज्यादा डिटर्जेंट डालना ज्यादा सफाई की गारंटी नहीं है।
निष्कर्ष
वॉशिंग मशीन में ज्यादा डिटर्जेंट डालना कपड़ों को ज्यादा साफ करने के बजाय उल्टा नुकसान पहुंचा सकता है। अतिरिक्त झाग और डिटर्जेंट के अवशेष कपड़ों के साथ-साथ मशीन के अंदर भी जमा हो सकते हैं, जिससे ड्रेनेज और मशीन की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। इसलिए मशीन के प्रकार, कपड़ों की मात्रा और उनकी गंदगी के अनुसार उचित मात्रा में ही डिटर्जेंट का इस्तेमाल करना बेहतर है।
