बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड लीडर्स फोरम में राज्य की आर्थिक प्रगति और निवेश की संभावनाओं पर बात रखी। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अब पारंपरिक उद्योगों और खनिज आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर AI, स्टार्टअप, ग्रीन एनर्जी, आधुनिक विनिर्माण और नवाचार पर जोर दे रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल बड़े निवेश को आकर्षित करना नहीं है, बल्कि निवेश को रोजगार, उद्यमिता, बेहतर आय और युवाओं के भविष्य से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा केवल नौकरी तलाशने वाले न रहें, बल्कि अपने नवाचार और उद्यमिता के जरिए रोजगार देने वाले बनें।
6.31 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आकार करीब 6.31 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है और आर्थिक वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत रही। राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,79,244 रुपये बताई गई है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के 1.72 लाख करोड़ रुपये के बजट में अधोसंरचना, पूंजीगत व्यय और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। सड़क, रेल, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
नई औद्योगिक नीति के बाद 8 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव
CM साय ने बताया कि नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30, वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े सुधारों के जरिए निवेश प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। पिछले दो वर्षों में 450 से अधिक प्रक्रियाओं को सरल किए जाने का दावा किया गया है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें स्टील, सीमेंट और खनिज आधारित उद्योगों के अलावा सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, AI, डेटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
2030 तक 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने युवाओं को राज्य की नई अर्थव्यवस्था का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक छत्तीसगढ़ में 5 हजार स्टार्टअप विकसित करना है।
नए उद्यमियों को अपने विचारों को कारोबार में बदलने के लिए 10 लाख रुपये तक की सीड फंड सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई। सरकार का जोर युवाओं को तकनीक, कौशल, नवाचार और बाजार से जोड़ने पर है।
6 लाख विद्यार्थियों को AI प्रशिक्षण देने की योजना
CM साय ने AI को छत्तीसगढ़ के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण देने की योजना है।
इसके अलावा नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए 50 से अधिक AI आधारित सरकारी सेवाएं विकसित करने की योजना बताई गई। राज्य में 500 करोड़ रुपये के AI मिशन के तहत 100 AI डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
नवा रायपुर में बनेगा AI डेटा सेंटर पार्क
मुख्यमंत्री के अनुसार नवा रायपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से AI डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है। इसके जरिए राज्य को देश के उभरते डिजिटल और AI इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण स्थान दिलाने की कोशिश है।
इसके साथ ही 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहयोग देने का लक्ष्य भी बताया गया है।
बस्तर के विकास पर भी जोर
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर को छत्तीसगढ़ की नई आर्थिक विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की स्थिति में सुधार के बाद बस्तर में विकास, निवेश, रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
बस्तर सहित प्रदेश के करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना तैयार किए जाने की जानकारी दी गई। बस्तर में 421 बंद स्कूल दोबारा शुरू किए जाने और 34 लाख से अधिक लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार होने का भी दावा किया गया।
3,513 करोड़ की रेल परियोजना से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
CM साय ने 3,513 करोड़ रुपये की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना को बस्तर के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक इससे औद्योगिक और व्यापारिक कनेक्टिविटी बेहतर होगी और स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
ग्रीन एनर्जी में 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त क्षमता का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ में करीब 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। प्रदेश के 90 हजार से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से जोड़े जाने की जानकारी भी दी गई।
उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी का विस्तार राज्य की ऊर्जा जरूरतों के साथ-साथ नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उद्योगों के लिए आसान होगी अनुमति प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 लागू किया गया है। इसके तहत कम जोखिम वाले उद्योगों के कुछ मामलों में निर्धारित समय में निर्णय नहीं होने पर स्वतः अनुमति का प्रावधान किया गया है।
आठ विभागों की 43 सेवाओं को इसके दायरे में शामिल किए जाने की जानकारी दी गई। सरकार के मुताबिक इससे करीब 15 लाख MSME को लाभ मिलने की संभावना है।
तथ्य जांच:
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में वर्ल्ड लीडर्स फोरम में छत्तीसगढ़ की आर्थिक संभावनाओं पर बात रखी।
- मुख्यमंत्री के अनुसार नई औद्योगिक नीति के बाद राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
- वर्ष 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार करीब 6.31 लाख करोड़ रुपये बताया गया।
- आर्थिक वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत बताई गई।
- 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
- 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण देने की योजना बताई गई।
- नवा रायपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से AI डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है।
- राज्य AI मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये के प्रावधान की जानकारी दी गई।
- बस्तर सहित करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपये की योजना का उल्लेख किया गया।
- आने वाले वर्षों में करीब 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य बताया गया।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्लोबल मंच से छत्तीसगढ़ को निवेश, तकनीक और नवाचार के नए केंद्र के रूप में पेश किया। 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव, AI, स्टार्टअप, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक विनिर्माण पर जोर के साथ राज्य सरकार रोजगार और आर्थिक विकास को गति देने की योजना बता रही है। हालांकि निवेश प्रस्तावों और वास्तविक निवेश में अंतर होता है, इसलिए इन प्रस्तावों का जमीन पर कितना क्रियान्वयन होता है, यह आगे महत्वपूर्ण रहेगा।
