बड़ी खबर: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने पटना में छात्रों के आंदोलन और पुलिस लाठीचार्ज को लेकर अपनी स्थिति साफ की है। NDA का हिस्सा होने के बावजूद सरकार के फैसले पर सवाल उठाने को लेकर उठ रही चर्चाओं के बीच चिराग पासवान ने कहा कि सत्ता में शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि वे गलत बात पर चुप रहें। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता देश के युवा हैं और वे जो सही है उसकी आवाज बनना चाहते हैं।
पटना में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों ने मंगलवार को मार्च निकाला था। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया। चिराग पासवान ने इस कार्रवाई को गलत बताया और कहा कि छात्रों की समस्याओं को लेकर वह हमेशा गंभीर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब वे विपक्ष में थे, तब भी उन्होंने युवाओं की आवाज उठाई थी और अब सत्ता पक्ष का हिस्सा होने के कारण चुप नहीं रह सकते।
दिल्ली का काम छोड़कर पटना पहुंचे चिराग
चिराग पासवान ने बताया कि मंगलवार को दिल्ली में उनके मंत्रालय से जुड़ा काम था, लेकिन पटना में छात्रों पर हुई कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद वह शाम को पटना पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा और मुख्यमंत्री ने उन्हें मिलने का समय दिया।
चिराग ने कहा कि छात्रों पर हुई कार्रवाई की बातें उन्हें विचलित करती हैं। उन्होंने गर्दनीबाग पहुंचकर आंदोलन कर रहे छात्रों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की।
सम्राट चौधरी से भी हुई बातचीत
चिराग पासवान ने बताया कि उन्होंने छात्रों से मुलाकात के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी इस मामले को लेकर सकारात्मक हैं और देर रात तक उन्होंने भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
चिराग का कहना है कि सरकार और गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद वह छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे। उनका कहना है कि यदि कोई बात सही है तो उसकी आवाज बनना जरूरी है।
‘मेरे मन में ये है कि जो सही है उसकी आवाज बनना है’
जब चिराग पासवान से पूछा गया कि NDA में रहते हुए वह सरकार से अलग रुख क्यों अपना रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि उनके मन में यही है कि जो सही है उसकी आवाज बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि गठबंधन में होना उन्हें सही मुद्दों पर बोलने से नहीं रोकता।
चिराग ने भरत तिवारी के परिवार से अपनी मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जो घटना हुई, उसे बदला नहीं जा सकता, लेकिन सरकार की ओर से जो मदद संभव थी, वह की गई है।
छात्रों के मुद्दे पर चिराग का अलग रुख
चिराग पासवान के ताजा बयान के बाद बिहार की राजनीति में यह चर्चा तेज हो गई है कि वह NDA में रहते हुए कई मुद्दों पर अपनी स्वतंत्र राजनीतिक लाइन बनाए रखना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने गठबंधन से अलग होने की कोई बात नहीं कही है।
उनका जोर फिलहाल छात्रों की समस्याओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ता में होने के बावजूद वह गलत को गलत कहने से पीछे नहीं हटेंगे।
तथ्य जांच:
- चिराग पासवान केंद्र सरकार में मंत्री और LJP (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
- उनकी पार्टी NDA का हिस्सा है।
- पटना में TRE-4 से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया था।
- प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज की घटना हुई।
- चिराग पासवान ने लाठीचार्ज को गलत बताया।
- उन्होंने गर्दनीबाग जाकर आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात की।
- चिराग ने कहा कि सत्ता पक्ष का हिस्सा होने के बावजूद वह चुप नहीं रह सकते।
- उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता देश के युवा हैं।
- उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय मांगा और मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
- चिराग ने कहा कि वह जो सही है उसकी आवाज बनना चाहते हैं।
निष्कर्ष
चिराग पासवान ने पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सरकार के फैसले पर खुलकर नाराजगी जताई है। NDA में शामिल होने के बावजूद उन्होंने साफ किया कि सत्ता में रहना उनके लिए सही मुद्दों पर आवाज उठाने में बाधा नहीं है। छात्रों के समर्थन में उनका यह रुख बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
