नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद PM मोदी ने बालेन शाह से की बात, हर संभव मदद का दिया भरोसा

NRC News Hindi: नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद PM मोदी ने बालेन शाह से की बात, हर संभव मदद का दिया भरोसा

बड़ी खबर: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने बाढ़ से हुई जनहानि पर संवेदना जताते हुए नेपाल को हर संभव मानवीय और राहत सहायता देने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है और दोनों देशों की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं।

दिनांक: 26 अगस्त 2026
स्थान: नई दिल्ली

नेपाल के तिब्बत सीमा से लगे रसुवा जिले में बुधवार सुबह भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आने से भारी तबाही हुई। बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि कई घर, वाहन, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे इसकी चपेट में आ गए। कई जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है।

नेपाल पर्यटन बोर्ड की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 384 यात्री लापता बताए गए हैं। इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी लापता लोगों में कम से कम 105 भारतीय और 37 NRI बताए गए हैं। अधिकारियों और पर्यटन एजेंसियों की मदद से इन लोगों की स्थिति का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

PM मोदी ने बालेन शाह से की बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से बातचीत कर बाढ़ से हुई जनहानि और तबाही पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने भारत की ओर से नेपाल को हर संभव मानवीय और राहत सहायता देने की पेशकश की।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं। दोनों देशों के बीच समन्वय बढ़ाकर प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

105 भारतीय और 37 NRI लापता

नेपाल पर्यटन बोर्ड की सूची के अनुसार 105 भारतीय नागरिक और 37 प्रवासी भारतीय लापता लोगों में शामिल हैं। बताया गया है कि कई भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल के रास्ते आगे बढ़ रहे थे।

भारतीय दूतावास ने प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए हैं।

रसुवा में भारी नुकसान

भोटे कोशी नदी में आए सैलाब ने रसुवा के तिमुरे और स्याफ्रुबेसी जैसे इलाकों को प्रभावित किया है। बाढ़ के पानी के साथ बड़ी मात्रा में मलबा आने से सड़कें, पुल और बिजली से जुड़ा बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है।

राहत और बचाव के लिए नेपाल सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को लगाया गया है। पहाड़ी इलाकों में रास्ते बाधित होने के कारण बचाव अभियान में मुश्किलें भी सामने आ रही हैं।

भारत ने बढ़ाई निगरानी

नेपाल से आने वाली नदियों के कारण भारत के सीमावर्ती राज्यों में भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उत्तर प्रदेश और बिहार में संबंधित प्रशासन को सतर्क किया गया है। हालांकि, उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ सिंचाई अधिकारी के अनुसार नेपाल की बाढ़ से राज्य में बड़े पैमाने पर बाढ़ का खतरा फिलहाल नहीं है और गंडक नदी के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है।

राहत-बचाव अभियान जारी

नेपाल में लापता लोगों की तलाश और प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने का काम जारी है। अधिकारियों के मुताबिक नुकसान का पूरा आकलन अभी किया जा रहा है। बाढ़ से प्रभावित इलाकों में लोगों को नदी किनारे से सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

तथ्य जांच:

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बातचीत की।
  • पीएम मोदी ने नेपाल को हर संभव मानवीय और राहत सहायता देने का भरोसा दिया।
  • रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आई।
  • नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार 384 यात्री लापता बताए गए हैं।
  • लापता लोगों में 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं।
  • लापता विदेशी नागरिकों में कम से कम 105 भारतीय शामिल हैं।
  • 37 NRI के भी लापता होने की जानकारी दी गई है।
  • बाढ़ से सड़क, पुल, घर और जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है।
  • नेपाल सेना और सुरक्षा एजेंसियां राहत-बचाव अभियान में जुटी हैं।
  • भारत ने नेपाल को हर संभव सहायता देने की पेशकश की है।

निष्कर्ष

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच भारत ने पड़ोसी देश के साथ एकजुटता दिखाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालेन शाह से बातचीत कर हर संभव मदद का भरोसा दिया है। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण राहत और बचाव अभियान बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी भारतीय दूतावास और संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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