राहुल गांधी, केजरीवाल, स्टालिन और ठाकरे ने CJP का किया समर्थन, अभिजीत दीपके ने कहा- धन्यवाद

NRC News Hindi: राहुल गांधी, केजरीवाल, स्टालिन और ठाकरे ने CJP का किया समर्थन, अभिजीत दीपके ने कहा- धन्यवाद

बड़ी खबर: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी और शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान दिए। इसके बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सभी नेताओं का आभार जताया। यह विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच सामने आया है।

दिनांक: 14 अक्टूबर 2026
स्थान: नई दिल्ली, भारत

राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराने को अपराध मानने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराने के कारण युवाओं को जेल भेजना कायरतापूर्ण कदम है। राहुल गांधी ने विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारियों के बीच एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि अलग-अलग बैनर होने के बावजूद उनका उद्देश्य एक है और नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने जंतर-मंतर को जनता के प्रदर्शन स्थल के रूप में बहाल करने की बात भी कही।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी गिरफ्तारी की आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार कितने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेगी और कितने युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश करेगी। स्टालिन ने कहा कि अधिक युवाओं को जेल भेजने से विरोध की आवाज समाप्त नहीं होगी, बल्कि आम नागरिक भी अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर सकते हैं।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या अपने ही देश में राष्ट्रीय ध्वज लहराना अपराध है। उन्होंने इस कार्रवाई को अनुचित बताया। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि युवाओं को तिरंगा लहराने के लिए जेल भेजे जाने का मामला गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रदर्शनकारी युवाओं के बीच संघर्ष तब तक जारी रह सकता है, जब तक लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर विवाद का समाधान नहीं होता।

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी गिरफ्तारी की आलोचना की। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए भारतीयों को गिरफ्तार किया जाना सवाल खड़े करता है। विपक्षी नेताओं के इन बयानों के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने उनका धन्यवाद किया। इस घटनाक्रम ने CJP के प्रदर्शन और विपक्षी दलों के बीच एकजुटता को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

विवाद की पृष्ठभूमि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित किया था। इसके विरोध में CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका 13 अक्टूबर को गेट पार करके परिसर में पहुंचे। उनके साथ कुछ अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और बाद में दोनों नेताओं को गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। अदालत ने उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

CJP और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा और SIR प्रक्रिया को रद्द करना शामिल है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम हटाने से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों को स्थापित तथ्य मानने के बजाय संबंधित पक्षों के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए।

तथ्य जांच:

  • CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, एमके स्टालिन, अभिषेक बनर्जी और आदित्य ठाकरे का समर्थन के लिए आभार जताया।

  • विपक्षी नेताओं ने CJP के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए।

  • राहुल गांधी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराने के कारण युवाओं को जेल भेजने की आलोचना की।

  • एमके स्टालिन ने कहा कि गिरफ्तारियों से विरोध की आवाज को पूरी तरह दबाना संभव नहीं होगा।

  • अरविंद केजरीवाल ने अपने देश में राष्ट्रीय ध्वज लहराने पर गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाया।

  • आदित्य ठाकरे और अभिषेक बनर्जी ने भी गिरफ्तारी की आलोचना की।

  • रिपोर्ट के अनुसार, आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

  • CJP और विपक्षी दल SIR को रद्द करने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

निष्कर्ष:

CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, एमके स्टालिन, अभिषेक बनर्जी और आदित्य ठाकरे ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाए, जबकि अभिजीत दीपके ने उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और SIR को लेकर विपक्ष की मांगों पर होने वाले घटनाक्रम पर नजर रहेगी।

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